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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर करना है भगवान भोलेनाथ के प्रसिद्ध मंदिरो के दर्शन तो ऐसे बनाएं प्लान, कम बजट में निपट जाएगा पूरा ट्रिप

 

महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 26 फरवरी 2025 को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इस अवसर पर भक्तगण भगवान शिव और देवी पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना कर गृहस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर व्रत रखा जाता है और भगवान शिव के मंदिरों में दर्शन-पूजन किया जाता है।

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देश भर में कई प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिर और शिवालय हैं। इसके साथ ही यहां 12 ज्योतिर्लिंग भी हैं। ज्योतिर्लिंग वह स्थान है जहां भगवान शिव प्रकाश के रूप में प्रकट हुए थे और लिंग के रूप में स्थापित हैं। ये 12 ज्योतिर्लिंग देश भर के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थित हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मध्य प्रदेश के उज्जैन और महाराष्ट्र के नासिक का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

सबसे पहले उस मंदिर या तीर्थ स्थान का चयन करें जहां आप जाना चाहते हैं। अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अपने बजट और यात्रा के लिए आपको कितने दिनों की छुट्टी मिल सकती है, इसका ध्यान रखें। यदि आपके पास एक या दो दिन की छुट्टी है, तो आप पास के शिव मंदिर या ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने का निर्णय ले सकते हैं।

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महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में भारी भीड़ होती है, इसलिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। किसी भी परेशानी से बचने के लिए होटल और परिवहन की बुकिंग पहले से कर लें। यदि आप काशी या उज्जैन जैसे किसी तीर्थ स्थान पर जा रहे हैं तो वहां के विशेष नियमों और दर्शन समय के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए मंदिर में पहले से ही पहुंचें। यदि आप मंदिर में जल्दी पहुंचेंगे तो आपको भीड़ कम मिलेगी और आपको लंबी कतारों में ज्यादा समय नहीं बिताना पड़ेगा। सुबह या देर रात में यहां आना अधिक सुविधाजनक होता है, क्योंकि दिन के समय भीड़ बहुत बढ़ जाती है। कई मंदिरों में विशेष आरती और जलाभिषेक के लिए अलग-अलग समय होता है, इसलिए पहले से जानकारी प्राप्त कर लें।

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यदि आप किसी प्रसिद्ध या प्राचीन मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो अत्यधिक भीड़ होने की संभावना के कारण यातायात नियमों और मार्गों में बदलाव किया जा सकता है। दर्शन के लिए यातायात और लंबी कतारों के लिए तैयार रहें। महाशिवरात्रि के दिन बड़े शिव मंदिरों के आसपास यातायात जाम होने की संभावना है, इसलिए वैकल्पिक मार्गों के बारे में जागरूक रहें। कई स्थानों पर निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक वाहनों से गंतव्य तक पहुंचना अधिक लाभदायक हो सकता है। इसके विकल्प भी तलाशें। यदि उपलब्ध हो तो वीआईपी दर्शन या ऑनलाइन दर्शन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।