होटल जाएंगे भूल… मिट्टी से बने भारत के इन 10 होमस्टे में रुकने का अलग ही मजा
अगर आप शहर की भीड़-भाड़, ट्रैफिक और भीड़-भाड़ से दूर शांति और सादगी में कुछ दिन बिताना चाहते हैं। तो शायद आप होटल और रिसॉर्ट की बजाय मिट्टी से बने देसी होमस्टे को प्राथमिकता देंगे। मिट्टी की दीवारें, लकड़ी की खिड़कियां, खुले आंगन और हरियाली से घिरे ये होमस्टे न सिर्फ ठंडी हवा और ताजा माहौल देते हैं, बल्कि आपको भारतीय ग्रामीण जीवन की खूबसूरती से भी रूबरू कराते हैं। आजकल जब इको-टूरिज्म का चलन बढ़ रहा है, तो लोग ऐसे ठहरने की तलाश में हैं, जहां वे प्रकृति के करीब रह सकें, स्थानीय संस्कृति को महसूस कर सकें और बिना किसी विलासिता के असली सुकून पा सकें।
मिट्टी से बने ये होमस्टे न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छे हैं, बल्कि इनमें रहने का अनुभव भी बेहद खास है, जैसे आप अपने ही गांव में छुट्टियां मना रहे हों। आज इस लेख में हम आपको देश के अलग-अलग कोनों में मिट्टी से बने 10 खूबसूरत होमस्टे बताएंगे, जहां आप देहातीपन, सादगी और प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठा सकते हैं।
मनाली की पहाड़ियों में बसा अफसाना होमस्टे मिट्टी और लकड़ी से बना एक शांत और खूबसूरत स्थान है। यहां सेब के बागों के बीच बैठकर चाय पीना और पारंपरिक पहाड़ी भोजन का स्वाद लेना एक अनोखा अनुभव देता है।
उत्तराखंड के जिलिंग गांव में स्थित यह होमस्टे पुरानी पहाड़ी वास्तुकला का जीता जागता उदाहरण है। पत्थर और मिट्टी से बना यह घर हिमालय के पास शांति से समय बिताने के लिए एकदम सही है।
केरल के मरयूर गांव में स्थित 'द मडहाउस' एक असली मिट्टी का घर है। यह इको-फ्रेंडली स्टे आपको केरल की ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण के बीच रहने का एक बेहतरीन अवसर देता है। यहां आकर आपको बिल्कुल गांव जैसा अहसास होगा जो आपको सुकून के पल देगा।
कुंदन होमस्टे पारंपरिक पहाड़ी तकनीक से बना एक मिट्टी का घर है, जो ठंडे मौसम में भी गर्मी प्रदान करता है। यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो स्थानीय संस्कृति और घर जैसा अनुभव चाहते हैं।
कालीकट के पास स्थित यह मिट्टी का होमस्टे खेतों और हरियाली से घिरा हुआ है। यहां आपको ऑर्गेनिक खाना, प्रकृति की सैर और एकदम देसी माहौल मिलता है। यहां आकर आप न सिर्फ सुकून के पल बिता सकते हैं बल्कि देसी खाने का भी लुत्फ उठा सकते हैं।