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AI से काम आसान नहीं, बढ़ गया बोझ? सॉफ्टवेयर डेवलपर ने बताई अपनी परेशानी, कहा- ‘जिम्मेदारियां बढ़ीं, सैलरी वही रही’

AI से काम आसान नहीं, बढ़ गया बोझ? सॉफ्टवेयर डेवलपर ने बताई अपनी परेशानी, कहा- ‘जिम्मेदारियां बढ़ीं, सैलरी वही रही’

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में यह दावा किया जाता है कि यह लोगों का काम आसान करेगा, समय बचाएगा और प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा। लेकिन हर किसी का अनुभव ऐसा नहीं है। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए दावा किया है कि AI ने उसका काम कम करने के बजाय और बढ़ा दिया है।

डेवलपर ने बताया कि पहले जहां AI को एक मददगार टूल के रूप में देखा जा रहा था, वहीं अब कई कंपनियां इसका इस्तेमाल कर्मचारियों से ज्यादा काम करवाने के लिए कर रही हैं। उसका कहना है कि AI आने के बाद काम की रफ्तार और उम्मीदें दोनों बढ़ गई हैं, लेकिन वेतन में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने अनुभव में डेवलपर ने बताया कि पहले किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जितना समय मिलता था, अब उतने ही समय में ज्यादा काम करने की उम्मीद की जाती है। AI टूल्स की मदद से कंपनियां मानने लगी हैं कि कर्मचारी कम समय में ज्यादा आउटपुट दे सकते हैं।

उसने कहा कि AI की वजह से कोड लिखने, जांच करने और समस्याओं को हल करने की प्रक्रिया तेज जरूर हुई है, लेकिन इसके साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। अब कर्मचारियों से सिर्फ बेहतर काम ही नहीं, बल्कि ज्यादा मात्रा में काम करने की अपेक्षा की जा रही है।

डेवलपर की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कई लोगों ने उसके अनुभव से सहमति जताई और कहा कि AI ने काम करने के तरीके को बदल दिया है। कुछ यूजर्स का कहना है कि कंपनियां AI को कर्मचारियों की मदद के बजाय ज्यादा उत्पादकता निकालने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।

वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि AI का सही इस्तेमाल करने पर यह कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे दोहराए जाने वाले काम कम हो सकते हैं और लोग ज्यादा रचनात्मक कार्यों पर ध्यान दे सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कंपनियों को काम के दबाव और कर्मचारियों की क्षमता के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, AI से नौकरियों की दुनिया में बड़े बदलाव आ रहे हैं। जहां कुछ काम आसान हो रहे हैं, वहीं नई तरह की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। कर्मचारियों को नई तकनीक सीखने की जरूरत पड़ रही है और कंपनियों को भी जिम्मेदार तरीके से AI अपनाने की आवश्यकता है।

फिलहाल इस डेवलपर का अनुभव इस बात पर चर्चा छेड़ रहा है कि क्या AI वास्तव में कर्मचारियों का बोझ कम कर रहा है या कई जगहों पर काम की अपेक्षाएं बढ़ा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां और कर्मचारी AI के साथ किस तरह संतुलन बनाते हैं।

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