'वर्क फ्रॉम होम ने सोशल लाइफ बर्बाद की...' दिल्ली की महिला ने शेयर किया एक्सपीरिएंस, Video हुआ Viral
सोशल मीडिया पर इन दिनों वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने को लेकर एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दिल्ली की रहने वाली तान्या सिंघल ने वीडियो में बताया कि घर से काम करने की सुविधा बाहर से जितनी आरामदायक दिखाई देती है, असल जिंदगी में इसके कुछ ऐसे पहलू भी हैं, जो इंसान की सोशल लाइफ को प्रभावित कर सकते हैं। उनके अनुभव ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
महिला ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान उन्हें लंबे समय तक घर में ही रहना पड़ता है। शुरुआत में घर से काम करना उन्हें सुविधाजनक लगा, क्योंकि ऑफिस जाने के लिए रोजाना सफर नहीं करना पड़ता था और समय की भी बचत होती थी। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि इसका असर उनकी सामाजिक जिंदगी पर पड़ने लगा।
उनके मुताबिक ऑफिस जाने का एक फायदा यह भी होता है कि रोजाना लोगों से मुलाकात होती है। सहकर्मियों के साथ बातचीत होती है और घर से बाहर निकलने का मौका मिलता है। इसके विपरीत वर्क फ्रॉम होम में काम और घर की दुनिया एक ही जगह तक सीमित हो जाती है। ऐसे में लोगों से मिलने-जुलने और सामाजिक गतिविधियों के लिए अलग से समय निकालना पड़ता है।
महिला के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके अनुभव से सहमत नजर आए और उन्होंने कहा कि लंबे समय तक घर से काम करने के कारण उन्हें भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं कई यूजर्स का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम की सबसे बड़ी खूबी ही इसकी सुविधा और लचीलापन है।
हाल के दिनों में वर्क फ्रॉम होम को लेकर सोशल मीडिया पर कई चर्चाएं देखने को मिली हैं। कुछ कर्मचारी इसे समय और पैसे बचाने वाला विकल्प मानते हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि घर और ऑफिस के बीच स्पष्ट सीमा नहीं होने से काम के घंटे बढ़ जाते हैं और निजी जिंदगी प्रभावित होती है।
दरअसल, कोरोना महामारी के बाद वर्क फ्रॉम होम काम करने का एक लोकप्रिय तरीका बन गया था। आज भी कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को पूरी तरह या हाइब्रिड मॉडल में घर से काम करने की सुविधा देती हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए इसका अनुभव अलग हो सकता है।
दिल्ली की महिला का यह वीडियो इसी सवाल को सामने रखता है कि क्या घर से काम करना वास्तव में जिंदगी को आसान बनाता है या फिर इसके साथ कुछ नई चुनौतियां भी आती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा उनका अनुभव लोगों को अपने वर्क लाइफ बैलेंस और सोशल लाइफ पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है।

