Samachar Nama
×

कॉर्पोरेट टॉर्चर की हद, टारगेट पूरा न होने पर महिला को दी 200 उठक-बैठक की सजा, हो गई जानलेवा बीमारी
 

कॉर्पोरेट टॉर्चर की हद, टारगेट पूरा न होने पर महिला को दी 200 उठक-बैठक की सजा, हो गई जानलेवा बीमारी

कॉर्पोरेट दुनिया में काम के दबाव और टारगेट को लेकर कई बार कर्मचारियों की परेशानियां सामने आती रहती हैं। अब एक ऐसा मामला चर्चा में है, जहां एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि टारगेट पूरा नहीं होने पर उसे सजा के तौर पर 200 उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझने लगी।

महिला के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट कल्चर और कर्मचारियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर बहस शुरू हो गई है।

टारगेट पूरा नहीं होने पर मिली सजा

रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला एक निजी कंपनी में काम करती थी। उसने आरोप लगाया कि काम का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे सबके सामने 200 उठक-बैठक लगाने की सजा दी।

महिला का कहना है कि यह घटना उसके लिए बेहद अपमानजनक थी और शारीरिक रूप से भी काफी कठिन साबित हुई।

तबीयत बिगड़ी, स्वास्थ्य पर पड़ा असर

महिला ने बताया कि इस घटना के बाद उसकी शारीरिक स्थिति खराब हो गई। लगातार दर्द और परेशानी के बाद जांच में उसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या का पता चला।

उसके आरोपों के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि क्या किसी कर्मचारी पर काम के दबाव में इस तरह की सजा देना सही है।

सोशल मीडिया पर भड़के लोग

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने कंपनी के कथित व्यवहार की आलोचना की। कई लोगों ने कहा कि कर्मचारियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन उन्हें अपमानित करना या शारीरिक सजा देना गलत है।

कुछ यूजर्स ने इसे ‘कॉर्पोरेट टॉर्चर’ बताते हुए कार्यस्थल पर कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा पर चर्चा की।

कंपनियों में बढ़ता वर्क प्रेशर

आज के समय में कई क्षेत्रों में कर्मचारियों पर लक्ष्य पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के तरीके अपनाने चाहिए, न कि डर या अपमान का सहारा लेना चाहिए।

हालांकि, इस मामले में कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है या नहीं, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल यह घटना कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर बहस का कारण बन गई है।

Share this story

Tags