इंटरव्यू में उम्र पूछना पड़ा भारी: महिला कर्मचारी की शिकायत, कंपनी को देना पड़ा मुआवजा
नौकरी के इंटरव्यू के दौरान किसी महिला उम्मीदवार से उसकी उम्र पूछना एक पिज्जा कंपनी के लिए महंगा साबित हुआ है। यह मामला दुनिया भर में मशहूर फूड चेन Domino’s से जुड़ा है, जहां आयरलैंड में एक महिला उम्मीदवार ने इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान पूछे गए निजी सवाल को लेकर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला का आरोप था कि इंटरव्यू के दौरान उससे उसकी उम्र से जुड़ा सवाल पूछा गया, जिसे उसने अनुचित और भेदभावपूर्ण (discriminatory) माना। महिला का कहना था कि यह सवाल उसकी योग्यता या नौकरी की क्षमता से संबंधित नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा था, जो रोजगार प्रक्रिया में जरूरी नहीं था।
इस घटना के बाद महिला ने मामले को अदालत में ले जाने का फैसला किया। अदालत में सुनवाई के दौरान यह तर्क दिया गया कि रोजगार इंटरव्यू में उम्मीदवार की उम्र पूछना कई परिस्थितियों में भेदभावपूर्ण माना जा सकता है, खासकर जब यह नौकरी की आवश्यकताओं से सीधे तौर पर संबंधित न हो।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया और कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया। हालांकि, मुआवजे की राशि सार्वजनिक रूप से विस्तार से सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला कॉर्पोरेट हायरिंग प्रैक्टिस को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
Domino’s की ओर से इस मामले पर बाद में यह माना गया कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है और भविष्य में इंटरव्यू के दौरान केवल नौकरी से संबंधित सवालों पर ही ध्यान दिया जाएगा। कंपनी ने अपनी नीतियों की समीक्षा करने की भी बात कही है।
इस घटना ने आयरलैंड ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार कानूनों और इंटरव्यू प्रैक्टिस को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई देशों में उम्र, लिंग, जाति या निजी जीवन से जुड़े सवाल इंटरव्यू के दौरान सीमित या प्रतिबंधित होते जा रहे हैं।
मानव संसाधन विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की स्किल, अनुभव और योग्यता ही मुख्य आधार होने चाहिए, जबकि व्यक्तिगत जानकारी तभी ली जानी चाहिए जब वह कानूनी या नौकरी की आवश्यकता से जुड़ी हो।
यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कॉर्पोरेट दुनिया में पारदर्शिता और समान अवसर (equal opportunity) के नियमों का पालन करना कितना जरूरी है, क्योंकि एक छोटा सा सवाल भी कानूनी विवाद का बड़ा कारण बन सकता है।

