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Woman Comes Alive: अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हुई महिला, लोगों ने दोबारा से पहुंचाया हॉस्पिटल
 

Woman Comes Alive: अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हुई महिला, लोगों ने दोबारा से पहुंचाया हॉस्पिटल

अमेरिका से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मृत घोषित की गई एक महिला अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान जिंदा मिली। महिला को मृत मानकर अंतिम संस्कार गृह ले जाया गया था, लेकिन वहां कर्मचारियों ने देखा कि उसकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई और महिला को दोबारा अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने मेडिकल जांच और किसी व्यक्ति को मृत घोषित करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।

अंतिम संस्कार गृह में सांस लेती मिली महिला

अमेरिका में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। जून 2024 में नेब्रास्का के लिंकन इलाके में 74 वर्षीय कॉन्स्टेंस ग्लैंट्ज को नर्सिंग होम में मृत घोषित कर दिया गया था। करीब दो घंटे बाद अंतिम संस्कार गृह के कर्मचारियों ने उन्हें सांस लेते हुए पाया। इसके बाद आपातकालीन टीम को बुलाया गया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस मामले की जांच भी शुरू की गई थी। 

इसी तरह अगस्त 2020 में मिशिगन के साउथफील्ड में 20 वर्षीय टाइमेशा ब्यूचैम्प को भी मृत घोषित कर दिया गया था। उन्हें अंतिम संस्कार गृह ले जाया गया, जहां कर्मचारी ने पाया कि वह सांस ले रही थीं। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, करीब दो महीने बाद उनकी मौत हो गई थी। 

कैसे हो सकती है ऐसी गलती?

किसी व्यक्ति को मृत घोषित करने से पहले उसकी सांस, नाड़ी और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों की जांच की जाती है। कुछ गंभीर चिकित्सकीय परिस्थितियों में इन संकेतों का पता लगाना कठिन हो सकता है। यदि जांच में गलती हो जाए, तो व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित किए जाने का जोखिम पैदा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं और प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी खास घटना में क्या गलती हुई, इसका पता लगाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट देखना जरूरी है।

क्या है ‘लाजरस सिंड्रोम’?

कुछ मामलों में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) बंद करने के बाद मरीज में स्वतः रक्त संचार लौटने की दुर्लभ स्थिति को ‘लाजरस सिंड्रोम’ कहा जाता है। हालांकि, हर ऐसे मामले को इस सिंड्रोम से जोड़ना सही नहीं है। गलत मृत्यु-घोषणा, गंभीर बीमारी और अन्य चिकित्सकीय कारणों की भी जांच करनी पड़ती है।

घटना की पुष्टि क्यों जरूरी है?

महिला के अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा मिलने की खबर के साथ घटना का सही स्थान, तारीख और महिला की पहचान जानना भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका में अलग-अलग वर्षों में ऐसे मामले सामने आए हैं, इसलिए किसी एक घटना की जानकारी को दूसरी घटना से जोड़ना भ्रामक हो सकता है।

इस खबर के मूल लिंक या महिला का नाम मिलने पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि मामला किस शहर का है, महिला की वर्तमान स्थिति क्या है और जांच में क्या सामने आया।

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