उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़िया लगातार लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भेड़िए ने हाल के दिनों में कई हमले किए हैं, जिनमें एक महिला और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई हैं। मंझारा तौकली गांव में भेड़िए ने दो महिलाओं के हाथों पर हमला किया और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं। घायल महिलाओं को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
वहीं, कैसरगंज इलाके में स्थिति और भयावह रही। छह वर्षीय बच्ची पर अचानक हमला हुआ, जिसमें भेड़िए ने उसका पेट फाड़ दिया और उसके हाथों पर भी गंभीर जख्म किए। बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की स्थिति गंभीर है और उसे विशेष उपचार की आवश्यकता है।
स्थानीय लोगों में दहशत
भेड़िया के हमले से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोग बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे हैं और शाम होते ही घर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं।
स्थानीय निवासी रामकुमार यादव ने कहा, “हमारे गांव में भेड़िए के आने से लोग डर के मारे बाहर निकलना भी बंद कर चुके हैं। हमें प्रशासन से सुरक्षा की उम्मीद है।”
वन विभाग और पुलिस की टीम सक्रिय
भारी संख्या में वन विभाग और पुलिस की टीमें भेड़िए की तलाश में अभियान चला रही हैं। टीम ने आसपास के जंगलों और खेतों में कैमरे और जाल लगाकर भेड़िए की गतिविधियों पर नजर रखी हुई है।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि भेड़िया शायद अपने खाने की तलाश में मानव बस्ती में आ रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि रात में अकेले बाहर न जाएं और बच्चों को सुरक्षित रखें।
बीते महीनों में बढ़ते हमले
विशेषज्ञों का कहना है कि बीते कुछ महीनों में जिले के कई हिस्सों में भेड़ियों के हमले बढ़ गए हैं। यह मुख्य रूप से जंगलों के कटाव और उनके प्राकृतिक शिकार की कमी के कारण हो रहा है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में केवल विशेषज्ञों और प्रशिक्षित टीमों द्वारा ही कार्रवाई की जाए।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
सहारनपुर के उपायुक्त ने बताया कि जिले में भेड़िए की गतिविधियों के मद्देनजर पड़ोसी जिलों के वन विभाग और पुलिस के साथ समन्वय बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि गांवों में सघन पेट्रोलिंग की जा रही है और लोगों को सुरक्षित मार्गों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सामाजिक चेतावनी
ग्राम प्रधान और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय घर के बाहर न जाएं, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि भेड़िया की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

