कुछ ट्रेनों के इंजन में 'हावड़ा' या 'गाज़ियाबाद' क्यों लिखा होता है? समझने में भूल करते हैं तो जवाब जान लें
भारतीय रेलवे की ट्रेनों में सफर करते समय आपने कई बार देखा होगा कि इंजन के आगे या साइड में 'हावड़ा', 'गाजियाबाद', 'इटारसी', 'मुंबई' या किसी अन्य जगह का नाम लिखा होता है। कई लोग इसे देखकर समझ लेते हैं कि शायद ट्रेन उसी जगह से आई है या वहीं जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होता। दरअसल, इंजन पर लिखा यह नाम एक खास जानकारी देता है।
रेलवे इंजन पर लिखे गए ये नाम उस जगह को दर्शाते हैं, जहां उस इंजन का लोकोमोटिव शेड (Loco Shed) होता है। यानी वह इंजन किस रेलवे यार्ड या डिपो से संबंधित है और उसकी देखरेख कहां की जाती है।
क्या होता है लोको शेड?
लोको शेड वह जगह होती है जहां इंजनों की मरम्मत, जांच और रखरखाव किया जाता है। हर इंजन को एक निश्चित शेड से जोड़ा जाता है। जब किसी इंजन पर 'गाजियाबाद' लिखा होता है तो इसका मतलब है कि वह इंजन गाजियाबाद लोको शेड का है और उसकी नियमित देखभाल वहीं होती है।
इसी तरह अगर किसी इंजन पर 'हावड़ा' लिखा है तो वह हावड़ा लोको शेड से संबंधित होता है। इसका ट्रेन के रूट या अंतिम स्टेशन से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
इंजन की पहचान के लिए जरूरी होती है जानकारी
रेलवे के पास हजारों इंजन होते हैं। ऐसे में हर इंजन की पहचान और रिकॉर्ड रखने के लिए अलग-अलग कोड और शेड के नाम लिखे जाते हैं। इससे रेलवे कर्मचारियों को पता चलता है कि कौन सा इंजन किस डिपो का है और उसकी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किस जगह की है।
इंजन पर शेड का नाम लिखने के अलावा उसका नंबर, मॉडल और अन्य तकनीकी जानकारी भी दर्ज होती है। इससे किसी भी खराबी या जांच के समय इंजन की पूरी जानकारी आसानी से मिल जाती है।
क्या इंजन हमेशा उसी जगह चलता है?
नहीं, यह जरूरी नहीं है। कोई इंजन अगर गाजियाबाद लोको शेड का है तो वह सिर्फ गाजियाबाद से चलने वाली ट्रेनों में ही लगे, ऐसा नहीं होता। रेलवे जरूरत के हिसाब से अलग-अलग रूटों पर इंजनों का इस्तेमाल करता है।
एक ही इंजन देश के अलग-अलग हिस्सों में चल सकता है, लेकिन उसकी जिम्मेदारी और रखरखाव उसी लोको शेड की होती है, जहां वह पंजीकृत है।
यात्रियों के लिए भी होती है उपयोगी जानकारी
हालांकि आम यात्रियों के लिए यह नाम सिर्फ एक जगह का नाम लगता है, लेकिन रेलवे कर्मचारियों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण पहचान होती है। इससे इंजन की हिस्ट्री, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और संचालन से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल जाती है।
इसलिए अगली बार जब आप किसी ट्रेन के इंजन पर 'हावड़ा', 'गाजियाबाद' या किसी अन्य शहर का नाम देखें तो उसे ट्रेन का गंतव्य न समझें। वह दरअसल उस इंजन के लोको शेड की पहचान होती है।

