भारत में जिस चीज पर रोक, उसी की तरफ क्यों भागते हैं लोग? थाईलैंड से उठा बड़ा सवाल!
मैडम इस समय थाईलैंड में हैं और वहां की जिंदगी देखकर उन्होंने एक ऐसा सवाल उठाया है, जिस पर अब बहस होनी चाहिए! 👀मैडम के मुताबिक, थाईलैंड में किराना स्टोर तक पर शराब आसानी से मिल जाती है, लड़कियां अपनी पसंद के कपड़े पहनकर घूमती हैं और कई चीजें खुले तौर पर देखने को मिलती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वहां कई दुकानों पर महिलाएं काम करती नजर आती हैं, जबकि पुरुष दुकानदार कम दिखाई देते हैं।
मैडम अभी थाईलैंड में है..😳
— KUNDAN PATEL (@KUNDAN00PATEL) October 12, 2026
इनका कहना है कि थाइलैंड में किराने की दुकान पर भी दारू मिल रही है लड़कियां भी छोटे कपड़े पहन कर घूम रही हैं और सब कुछ खुल्लम-खुल्ला किया जा रहा है
अधिकतर दुकानों पर महिलाएं ही दिखाई देती हैं
पुरुष दुकानदार बहुत ही कम दिखाई देते हैं फिर
यहां पर… pic.twitter.com/zvEjTRLBvw
मैडम अभी थाईलैंड में है..😳
— KUNDAN PATEL (@KUNDAN00PATEL) October 12, 2026
इनका कहना है कि थाइलैंड में किराने की दुकान पर भी दारू मिल रही है लड़कियां भी छोटे कपड़े पहन कर घूम रही हैं और सब कुछ खुल्लम-खुल्ला किया जा रहा है
अधिकतर दुकानों पर महिलाएं ही दिखाई देती हैं
पुरुष दुकानदार बहुत ही कम दिखाई देते हैं फिर
यहां पर… pic.twitter.com/zvEjTRLBvw
लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल है—अगर वहां लोगों को इतनी आजादी मिलती है, तो क्या वहां अपराध कम होने की वजह यही है? और अगर भारत में कई चीजों पर पाबंदियां हैं, तो फिर यहां अपराध की घटनाएं क्यों सामने आती हैं? क्या सच में किसी चीज को प्रतिबंधित करने से लोगों की उत्सुकता बढ़ जाती है? क्या आजादी देने से समाज ज्यादा जिम्मेदार बन सकता है? या फिर अपराध के पीछे हमारी सोच, सामाजिक व्यवस्था, कानून का डर और न्याय मिलने की प्रक्रिया जैसे कई कारण होते हैं?
हमें यह भी समझना होगा कि कपड़े पहनने की आजादी, शराब की उपलब्धता और अपराध के बीच सीधा संबंध मान लेना सही नहीं है। थाईलैंड और भारत की तुलना करने के लिए अपराध के आधिकारिक आंकड़े, अपराध की श्रेणियां और रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी देखनी होगी।तो सवाल यह है—भारत में अपराध कम करने के लिए ज्यादा पाबंदियां जरूरी हैं या बेहतर शिक्षा, मजबूत कानून व्यवस्था और महिलाओं के प्रति सम्मान वाली सोच?

