सरोजनी नगर में मिलते हैं विदेशों के ब्रांडेड कपड़े इतने सस्ते क्यों? अमेरिका-यूके से आने वाले कपड़ों का क्या है राज?
नई दिल्ली का सरोजनी नगर मार्केट देशभर में अपने सस्ते और फैशनेबल कपड़ों के लिए मशहूर है। यहां हर दिन हजारों लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं और बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियों के डिजाइन जैसे दिखने वाले कपड़े बेहद कम कीमत में मिल जाते हैं। कई बार ऐसे कपड़े भी नजर आते हैं, जिनकी कीमत विदेशों में काफी ज्यादा होती है, लेकिन सरोजनी मार्केट में वे कुछ सौ रुपये में बिकते दिखाई देते हैं।
यही वजह है कि लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे देशों में बिकने वाले ये कपड़े भारत के बाजारों में इतने सस्ते कैसे पहुंच जाते हैं?
विदेशों से आते हैं कई कपड़े
दरअसल, सरोजनी नगर जैसे बाजारों में मिलने वाले कपड़ों का एक बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों से जुड़ा होता है। इनमें कई कपड़े ऐसे होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए तैयार किए गए होते हैं, लेकिन अलग-अलग कारणों से सामान्य रिटेल स्टोर्स तक नहीं पहुंच पाते।
कई बार कंपनियां सीजन खत्म होने के बाद अपना बचा हुआ स्टॉक निकाल देती हैं। इसके अलावा फैशन इंडस्ट्री में बड़ी मात्रा में कपड़ों का उत्पादन होता है, जिनमें से कुछ पीस गुणवत्ता जांच, ऑर्डर रद्द होने या अतिरिक्त उत्पादन के कारण बिक्री चैनल से बाहर रह जाते हैं।
‘ओवरस्टॉक’ और एक्सपोर्ट सरप्लस का खेल
सरोजनी नगर में मिलने वाले कई कपड़ों को आमतौर पर एक्सपोर्ट सरप्लस कहा जाता है। इसका मतलब है कि जो कपड़े विदेशों के लिए बनाए गए थे, लेकिन किसी वजह से अतिरिक्त बच गए या निर्यात नहीं हो पाए।
इसके अलावा कुछ कपड़े ऐसे भी होते हैं जिनमें छोटी-मोटी कमी होती है, जैसे हल्का सिलाई का फर्क, टैग की समस्या या पैकिंग से जुड़ी खामी। ऐसे कपड़ों को कई बार कम कीमत पर बेच दिया जाता है।
विदेशी कपड़ों की कीमत यहां क्यों गिर जाती है?
विदेशों में किसी कपड़े की कीमत सिर्फ उसकी निर्माण लागत से तय नहीं होती, बल्कि उसमें ब्रांड वैल्यू, स्टोर का किराया, मार्केटिंग और टैक्स जैसी कई चीजें जुड़ जाती हैं। भारत में जब यही कपड़े थोक बाजार के जरिए आते हैं और सीधे छोटे दुकानदारों तक पहुंचते हैं, तो इनकी कीमत काफी कम हो जाती है।
यही कारण है कि ग्राहक यहां कुछ सौ रुपये में ऐसे कपड़े खरीद लेते हैं, जो विदेशों में कई गुना महंगे हो सकते हैं।
हर कपड़ा असली ब्रांडेड हो, यह जरूरी नहीं
हालांकि, बाजार में मिलने वाला हर कपड़ा किसी बड़े विदेशी ब्रांड का असली उत्पाद हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार बिना ब्रांड के कपड़े, लोकल मैन्युफैक्चरिंग वाले प्रोडक्ट या ब्रांड जैसे दिखने वाले कपड़े भी बाजार में बिकते हैं।
इसलिए खरीदारी करते समय ग्राहक को कपड़े की गुणवत्ता, टैग, सिलाई और फैब्रिक जरूर जांच लेना चाहिए।
सरोजनी नगर की लोकप्रियता बरकरार
कम कीमत में फैशन ट्रेंड के कपड़े मिलने के कारण सरोजनी नगर मार्केट युवाओं के बीच आज भी बेहद लोकप्रिय है। यहां ग्राहक कम बजट में नए फैशन को अपना सकते हैं।
यही वजह है कि विदेशी कपड़ों के रहस्य को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी रहती है और सरोजनी नगर जैसे बाजार आज भी खरीदारी के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

