भारत के किन राज्यों को 'ड्राई स्टेट' कहते हैं, आखिर क्या होता है इसका मतलब; यहां जानें सब कुछ
भारत में शराब को लेकर हर राज्य की अपनी अलग-अलग नीतियां हैं। कुछ राज्यों में शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐसे राज्यों को आमतौर पर 'ड्राई स्टेट' (Dry State) कहा जाता है। यानी ऐसे राज्य जहां सरकार ने शराब की बिक्री, खरीद और सेवन को कानून के जरिए प्रतिबंधित किया हुआ है।
क्या होता है 'ड्राई स्टेट' का मतलब?
'ड्राई स्टेट' का अर्थ है ऐसा राज्य जहां अल्कोहल यानी शराब की बिक्री और सेवन पर रोक होती है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में परमिट या मेडिकल कारणों से सीमित अनुमति दी जा सकती है।
भारत में शराब का मामला राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए अलग-अलग राज्यों में शराब से जुड़े नियम अलग हैं।
भारत के कौन-कौन से राज्य हैं ड्राई स्टेट?
1. गुजरात
गुजरात भारत का सबसे पुराना ड्राई स्टेट माना जाता है। यहां 1960 से ही शराब पर प्रतिबंध लागू है। हालांकि कुछ मामलों में परमिट लेकर शराब खरीदी जा सकती है।
2. बिहार
बिहार में साल 2016 से शराबबंदी लागू की गई। राज्य सरकार ने सामाजिक और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगाई।
3. नागालैंड
नागालैंड में 1989 से शराबबंदी का कानून लागू है। हालांकि यहां भी नियमों को लेकर समय-समय पर बदलाव और चर्चा होती रही है।
4. मिजोरम
मिजोरम में भी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य में शराब नीति को लेकर कई बार बदलाव हुए हैं।
5. लक्षद्वीप
केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में भी शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित छूट दी गई है।
कुछ राज्यों में क्यों लगाई जाती है शराबबंदी?
शराबबंदी लागू करने के पीछे सरकारें कई कारण बताती हैं:
- शराब से होने वाली सामाजिक समस्याओं को कम करना
- घरेलू हिंसा और अपराधों पर नियंत्रण
- स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को रोकना
- परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारना
क्या ड्राई स्टेट में शराब पूरी तरह खत्म हो जाती है?
शराबबंदी के बावजूद कई बार अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं। सरकारें ऐसे मामलों पर कार्रवाई करती हैं, लेकिन पूरी तरह रोक लगाना एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
भारत में शराब नीति क्यों अलग-अलग है?
भारतीय संविधान के तहत शराब से जुड़े कानून बनाने का अधिकार मुख्य रूप से राज्यों के पास है। इसलिए कोई राज्य शराबबंदी लागू कर सकता है, जबकि दूसरा राज्य शराब की बिक्री से राजस्व जुटाने की नीति अपना सकता है।
यानी 'ड्राई स्टेट' सिर्फ शराब पर रोक वाला इलाका नहीं है, बल्कि यह किसी राज्य की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक नीति का भी हिस्सा होता है।

