जब ओमान में भारतीय राष्ट्रपति को लेने एयरपोर्ट खुद पहुंचे सुल्तान, खुद कार चलाकर ले गए पैलेस, बोले- ये मेरे गुरु हैं
भारत और ओमान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की एक दिलचस्प तस्वीर तब देखने को मिली, जब भारतीय राष्ट्रपति के ओमान दौरे के दौरान वहां के सुल्तान खुद उन्हें लेने एयरपोर्ट पहुंचे। प्रोटोकॉल से अलग नजर आने वाले इस स्वागत ने दोनों देशों के रिश्तों में मौजूद गर्मजोशी को दिखाया। बताया जाता है कि सुल्तान ने भारतीय राष्ट्रपति के प्रति विशेष सम्मान जताते हुए उन्हें अपने गुरु के समान बताया।
राष्ट्रपति के ओमान पहुंचने पर एयरपोर्ट पर विशेष स्वागत की तैयारियां की गई थीं। आमतौर पर किसी राष्ट्राध्यक्ष के स्वागत के लिए वरिष्ठ अधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं, लेकिन इस मौके पर ओमान के सुल्तान का खुद एयरपोर्ट पहुंचना चर्चा का विषय बन गया।
सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात सुल्तान का खुद कार चलाकर भारतीय राष्ट्रपति को पैलेस तक ले जाना था। किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के लिए इस तरह व्यक्तिगत तौर पर सम्मान जताना दोनों नेताओं के बीच विशेष संबंधों की तस्वीर पेश करता है। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत भी हुई और यात्रा के दौरान गर्मजोशी का माहौल नजर आया।
सुल्तान ने भारतीय राष्ट्रपति के प्रति अपने सम्मान को व्यक्त करते हुए उन्हें गुरु के समान बताया। इस संबोधन ने इस मुलाकात को और खास बना दिया। भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक रूप से व्यापार, संस्कृति और समुद्री संपर्क के माध्यम से मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच लोगों का आना-जाना भी लंबे समय से जारी है।
ओमान में भारतीय समुदाय की भी बड़ी मौजूदगी है। भारतीय नागरिक वहां अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं और दोनों देशों के आर्थिक तथा सामाजिक संबंधों में योगदान देते हैं। ऐसे में ओमान की ओर से भारत के शीर्ष नेतृत्व के प्रति सम्मान को दोनों देशों के व्यापक संबंधों से जोड़कर भी देखा जाता है।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत और ओमान के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग रहा है। ऐसे उच्चस्तरीय दौरे दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर देते हैं।
इस मुलाकात की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। यूजर्स ने सुल्तान के इस अंदाज को लेकर अपनी राय साझा की और कहा कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करना सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यही रही कि स्वागत केवल औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। एयरपोर्ट पर खुद पहुंचना और कार चलाकर पैलेस तक ले जाना सुल्तान की ओर से भारतीय राष्ट्रपति के प्रति व्यक्तिगत सम्मान का संदेश देता है।
भारत और ओमान के रिश्ते केवल सरकारों के बीच राजनयिक संबंधों तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क हैं। ऐसे अवसर इन रिश्तों में मौजूद आपसी विश्वास और दोस्ती को दुनिया के सामने लाने का काम करते हैं। यही वजह है कि भारतीय राष्ट्रपति के ओमान दौरे से जुड़ी यह मुलाकात लोगों के बीच खास चर्चा का विषय बनी।

