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क्या निकलेगा डिब्बे के अंदर? यहां किलो के भाव बिक रहे हैं खोए हुए पार्सल! इस मार्केट में लोग आजमां रहे हैं अपनी 'किस्मत'

क्या निकलेगा डिब्बे के अंदर? यहां किलो के भाव बिक रहे हैं खोए हुए पार्सल! इस मार्केट में लोग आजमां रहे हैं अपनी 'किस्मत'

ऑनलाइन शॉपिंग के जमाने में पार्सल का इंतजार हर किसी को रहता है। लेकिन जरा सोचिए, अगर आपको बिना यह जाने कि डिब्बे के अंदर क्या है, कोई पार्सल किलो के हिसाब से खरीदने का मौका मिले तो? सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसे ही एक अनोखे मार्केट की चर्चा हो रही है, जहां कथित तौर पर खोए हुए या अनक्लेम्ड पार्सल वजन के हिसाब से बेचे जाते हैं।

यहां ग्राहक डिब्बा खोलने से पहले नहीं जानता कि उसके हाथ क्या लगने वाला है। किसी पैकेट में मामूली सामान हो सकता है तो किसी में ऐसा आइटम निकल सकता है जिसकी कीमत खरीदारी से कहीं ज्यादा हो। यही अनिश्चितता इस बाजार को लोगों के लिए खास बना रही है।

किलो के भाव खरीदें सीलबंद पार्सल

वायरल वीडियो और पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि इस तरह के बाजार में अलग-अलग पैकेज एक साथ रखे होते हैं। ग्राहक अपनी पसंद का पैकेज चुनता है और कई मामलों में उसकी कीमत वजन के आधार पर तय होती है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि खरीदार को पहले से यह जानकारी नहीं होती कि पैकेट के अंदर क्या सामान है। यानी खरीदारी पूरी तरह 'लकी ड्रॉ' जैसी महसूस होती है।

कुछ लोग इसे कम कीमत में महंगी चीज मिलने का मौका मानते हैं, जबकि कुछ के लिए यह सिर्फ रोमांच और उत्सुकता का खेल है।

कोई निकला सामान से मालामाल, तो किसी को मिला मामूली सामान

ऐसे अनबॉक्सिंग वीडियो सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं। लोग कैमरे के सामने पैकेट खोलते हैं और फिर देखते हैं कि उनकी 'किस्मत' में क्या आया।

किसी पैकेट में इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े या रोजमर्रा की चीजें मिलने का दावा किया जाता है, तो कभी अंदर ऐसी वस्तु निकलती है जिसकी कीमत खरीदी गई पैकेज की कीमत से भी कम होती है।

यही रिस्क लोगों के उत्साह को और बढ़ा देता है। खरीदार के सामने सवाल रहता है—डिब्बे के अंदर जैकपॉट है या सिर्फ मामूली सामान?

आखिर कहां से आते हैं ये पार्सल?

ऐसे बाजारों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये पार्सल आते कहां से हैं। आम तौर पर 'अनक्लेम्ड', 'रिटर्न' या डिलीवर न हो पाने वाले पैकेजों को लेकर कई तरह के दावे सोशल मीडिया पर सामने आते रहते हैं।

हालांकि हर वायरल वीडियो या मार्केट के बारे में यह मान लेना सही नहीं होगा कि वहां मौजूद हर पार्सल वास्तव में किसी ग्राहक का खोया हुआ सामान ही है। अलग-अलग जगहों पर नियम, स्रोत और बिक्री की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

किस्मत आजमाने का नया तरीका

इस तरह के बाजारों की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण शायद सरप्राइज फैक्टर है। सामान्य खरीदारी में ग्राहक को पता होता है कि वह क्या खरीद रहा है। यहां पैसा खर्च करने के बाद असली रोमांच डिब्बा खोलने पर शुरू होता है।

सोशल मीडिया ने इस ट्रेंड को और चर्चा में ला दिया है। लोग अपने अनबॉक्सिंग वीडियो बनाकर दिखा रहे हैं कि उन्होंने कितने रुपये में कितना सामान हासिल किया।

हालांकि, अगर कोई व्यक्ति ऐसे अनजान या अनक्लेम्ड पार्सल खरीदने की सोच रहा है तो उसे विक्रेता की विश्वसनीयता, सामान की वैधता और बिक्री की शर्तों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

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