1980 की राजदूत बाइक की वायरल रसीद का सच क्या है? Fact Check में सामने आई पूरी हकीकत
सोशल मीडिया पर इन दिनों 1980 में खरीदी गई एक Rajdoot मोटरसाइकिल की कथित रसीद तेजी से वायरल हो रही है। इस रसीद को देखकर जहां बुजुर्गों को अपने पुराने दिन याद आ रहे हैं, वहीं नई पीढ़ी यह सोचकर हैरान है कि क्या सच में कभी मोटरसाइकिल इतनी सस्ती हुआ करती थी।
वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 1980 के दशक में राजदूत बाइक बेहद कम कीमत में खरीदी जा सकती थी। कई लोग इसे आज की महंगाई से जोड़कर शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उस दौर में चीजें आम लोगों की पहुंच में थीं।
हालांकि, Fact Check में इस वायरल दावे की सच्चाई कुछ अलग ही सामने आई है।
क्या है वायरल रसीद में दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीर में एक पुरानी रसीद दिखाई दे रही है, जिसे 1980 का बताया जा रहा है। इसमें राजदूत मोटरसाइकिल की कीमत बेहद कम लिखी हुई नजर आती है। इसी वजह से यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई।
लोग इस रसीद को देखकर आज की बाइक कीमतों से तुलना कर रहे हैं और महंगाई पर चर्चा कर रहे हैं।
Fact Check में क्या निकला?
जांच में पता चला कि वायरल रसीद को लेकर कई दावे भ्रामक तरीके से पेश किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी कीमतों की तुलना आज के समय से सीधे तौर पर करना सही नहीं होता, क्योंकि उस दौर में लोगों की आमदनी भी काफी कम थी।
इसके अलावा वायरल पोस्ट में दिखाई गई राशि को लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि उसमें टैक्स, रजिस्ट्रेशन और अन्य खर्च शामिल थे या नहीं।
कुछ फैक्ट चेक रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि वायरल तस्वीर को संदर्भ से हटाकर शेयर किया जा रहा है, ताकि लोग महंगाई को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया दें।
तब सस्ती थीं चीजें, लेकिन आय भी कम थी
आर्थिक जानकारों का कहना है कि 1980 के दशक में मोटरसाइकिल की कीमत भले आज के मुकाबले कम लगती हो, लेकिन उस समय आम लोगों की सैलरी भी बहुत सीमित होती थी। कई सरकारी कर्मचारियों की मासिक आय कुछ सौ रुपए तक ही होती थी।
ऐसे में उस दौर में बाइक खरीदना भी बड़ी बात मानी जाती थी। इसलिए केवल पुरानी कीमत देखकर यह मान लेना कि सबकुछ बेहद सस्ता था, पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।
सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रही है पोस्ट?
इस तरह की पुरानी रसीदें और तस्वीरें अक्सर लोगों में नॉस्टैल्जिया पैदा करती हैं। बुजुर्ग अपने पुराने समय को याद करते हैं, जबकि युवा पीढ़ी पुरानी कीमतों को देखकर चौंक जाती है। यही वजह है कि ऐसी पोस्ट तेजी से वायरल हो जाती हैं।

