क्या है भारत का राष्ट्रीय नारा? सिर्फ सच्चा भारतीय ही बता पाएगा जवाब, क्या जानते हैं आप
भारत अपनी विविधता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। देश से जुड़े कई ऐसे प्रतीक और वाक्य हैं, जिन्हें हर भारतीय बचपन से सुनता और पढ़ता आया है। लेकिन जब सवाल पूछा जाए कि भारत का राष्ट्रीय नारा क्या है, तो कई लोग इसका जवाब देने में भ्रमित हो जाते हैं। क्या आप जानते हैं इसका सही जवाब?
भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” है। इसका अर्थ है कि सत्य की ही विजय होती है। यह वाक्य संस्कृत के प्राचीन ग्रंथ मुण्डक उपनिषद से लिया गया है। “सत्यमेव जयते” भारत के राजकीय प्रतीक के नीचे लिखा हुआ दिखाई देता है और देश की शासन व्यवस्था में सत्य तथा न्याय के महत्व को दर्शाता है।
भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपने राजकीय प्रतीक को अपनाया था। इसी प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में “सत्यमेव जयते” अंकित है। यह केवल एक वाक्य नहीं बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।
हालांकि, राष्ट्रीय आदर्श वाक्य को लेकर अक्सर लोग “वंदे मातरम्” और “जन गण मन” से भ्रमित हो जाते हैं। “जन गण मन” भारत का राष्ट्रीय गान है, जबकि “वंदे मातरम्” राष्ट्रीय गीत है। वहीं “सत्यमेव जयते” राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है।
“सत्यमेव जयते” मूल रूप से मुण्डक उपनिषद के एक मंत्र का हिस्सा है। इसका संदेश बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली है—आखिरकार जीत सत्य की ही होती है। यही वजह है कि इसे भारत के राजकीय प्रतीक के साथ स्थान दिया गया है।
तो अगर किसी सामान्य ज्ञान के सवाल में आपसे पूछा जाए कि भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य क्या है, तो बिना किसी भ्रम के जवाब होगा—“सत्यमेव जयते।”
यह सवाल भले ही आसान लगे, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े ऐसे कई सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं और क्विज में पूछे जाते हैं। इसलिए “राष्ट्रीय गान”, “राष्ट्रीय गीत” और “राष्ट्रीय आदर्श वाक्य” के बीच का अंतर याद रखना जरूरी है।

