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सांप और नाग में क्या है फर्क? सामने आते ही ऐसे करें पहचान, जानिए दोनों में कौन ज्यादा खतरनाक

सांप और नाग में क्या है फर्क? सामने आते ही ऐसे करें पहचान, जानिए दोनों में कौन ज्यादा खतरनाक

सांप का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘सांप’ और ‘नाग’ एक ही चीज नहीं हैं? आम बोलचाल में लोग हर सांप को नाग कह देते हैं, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से नाग सांपों के एक खास समूह का हिस्सा हैं। भारत में कई तरह के सांप पाए जाते हैं, जिनमें कुछ बेहद जहरीले होते हैं, जबकि कई प्रजातियां इंसानों के लिए सामान्य तौर पर खतरनाक नहीं होतीं।

सांप और नाग में क्या अंतर है?

‘सांप’ एक व्यापक शब्द है, जिसका इस्तेमाल पूरी Snake यानी सर्प प्रजातियों के लिए किया जाता है। वहीं नाग या कोबरा सांपों की एक विशेष श्रेणी है।

भारत में ‘नाग’ कहे जाने वाले प्रमुख सांपों में भारतीय कोबरा यानी स्पेक्टेकल्ड कोबरा प्रमुख है। इसकी सबसे खास पहचान इसका फन है। खतरा महसूस होने पर यह सांप अपना सिर और गर्दन का अगला हिस्सा उठाकर फन फैला सकता है।

यानी आसान भाषा में समझें तो हर नाग सांप है, लेकिन हर सांप नाग नहीं है।

नाग को कैसे पहचानें?

अगर अचानक सामने कोई सांप आ जाए तो उसके करीब जाकर पहचानने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। फिर भी दूर से कुछ सामान्य विशेषताएं देखी जा सकती हैं।

कोबरा खतरा महसूस होने पर फन फैलाता है। भारतीय कोबरा के फन के पीछे अक्सर चश्मे जैसी आकृति दिखाई देती है, हालांकि हर कोबरा में यह निशान बिल्कुल एक जैसा या स्पष्ट नहीं होता।

इसके अलावा उसका शरीर अपेक्षाकृत मजबूत होता है और वह खतरा महसूस होने पर अपना अगला हिस्सा जमीन से ऊपर उठा सकता है।

क्या हर सांप जहरीला होता है?

नहीं। भारत में सांपों की कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनका जहर इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होता या वे विषहीन होती हैं।

दूसरी ओर कुछ प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं। भारत में आमतौर पर भारतीय कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर को प्रमुख जहरीले सांपों में गिना जाता है।

इसलिए किसी सांप को देखकर सिर्फ उसके रंग या आकार के आधार पर यह तय करना सुरक्षित नहीं है कि वह जहरीला है या नहीं।

नाग और दूसरे जहरीले सांपों में कौन ज्यादा खतरनाक?

इसका सीधा जवाब देना मुश्किल है, क्योंकि खतरा सांप की प्रजाति, जहर के प्रकार, काटने की जगह और शरीर में गए विष की मात्रा जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

कोबरा का जहर मुख्य रूप से न्यूरोटॉक्सिक प्रभाव पैदा कर सकता है, जो तंत्रिका तंत्र और सांस लेने वाली मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है। वहीं वाइपर के जहर का असर खून और ऊतकों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

इसलिए किसी भी जहरीले सांप को ‘कम खतरनाक’ समझना बड़ी गलती हो सकती है।

सामने आ जाए सांप तो क्या करें?

अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने, मारने या भगाने की कोशिश न करें। उससे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय वन विभाग से मदद लें।

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घरेलू नुस्खे आजमाने या जहर चूसने की कोशिश करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी है।

याद रखें, सांप को पहचानने की कोशिश से ज्यादा महत्वपूर्ण अपनी सुरक्षा है। दूर से देखकर भी अगर पहचान को लेकर संदेह हो तो उसे जहरीला मानकर सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही सबसे बेहतर तरीका है।

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