ये कैसी आफत! फ्री मिठाई मांग रहे इंफ्लुएंसर को लोगों ने कैश ऑन डिलीवरी पर भेजा लाखों का सामान, कहा-'पेमेंट कर देना'
सोशल मीडिया पर फ्री चीजें मांगने वाले कुछ इंफ्लुएंसर्स को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। कई बार लोग ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स को मुफ्त में सामान देने से इनकार कर देते हैं, तो कभी मजेदार अंदाज में जवाब देते हैं। अब एक ऐसा ही मामला चर्चा में है, जिसमें मुफ्त मिठाई मांगने वाले एक इंफ्लुएंसर को लोगों ने कथित तौर पर कैश ऑन डिलीवरी (COD) पर लाखों रुपये का सामान भेज दिया। साथ में संदेश भी दिया गया, 'पेमेंट कर देना।' इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
फ्री मिठाई मांगना पड़ा भारी?
वायरल दावे के मुताबिक, एक इंफ्लुएंसर लोगों से मुफ्त मिठाई की मांग कर रहा था। इसके बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसे सबक सिखाने के लिए अलग ही तरीका अपनाया। बताया जा रहा है कि उसके नाम पर महंगे सामान के ऑर्डर किए गए और डिलीवरी के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुना गया।
COD व्यवस्था में सामान मिलने पर ग्राहक को उसकी कीमत चुकानी होती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति बिना ऑर्डर किए सामान की डिलीवरी लेने पहुंचता है, तो उसे भुगतान करने से इनकार करना पड़ सकता है। हालांकि, इस वायरल दावे में भेजे गए सामान की वास्तविक कीमत, ऑर्डर की संख्या और इंफ्लुएंसर की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
इस घटना से जुड़ी पोस्ट या वीडियो को लेकर यूजर्स मजाकिया प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मुफ्त में सामान मांगने की आदत पर तंज बता रहे हैं, जबकि दूसरे यूजर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का इस्तेमाल करके कारोबारियों से मुफ्त उत्पाद मांगना उचित नहीं है।
इंफ्लुएंसर मार्केटिंग में ब्रांड और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच अक्सर प्रमोशन को लेकर समझौते होते हैं। कई बार कंपनियां विज्ञापन के बदले उत्पाद देती हैं, लेकिन इसे स्पष्ट व्यावसायिक सहयोग के रूप में देखा जाता है। बिना किसी तय समझौते के मुफ्त सामान मांगना कारोबारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल इस मामले से जुड़े मूल वीडियो, इंफ्लुएंसर की पहचान और लाखों रुपये के सामान की डिलीवरी से संबंधित विवरण की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसलिए वायरल दावे को पूरी तरह प्रमाणित घटना मानने से पहले मूल स्रोत की जांच जरूरी है।
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला सोशल मीडिया पर मुफ्त सामान मांगने की प्रवृत्ति और उसके जवाब में अपनाए गए तरीके को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति को परेशान करने के लिए उसके नाम पर बिना अनुमति ऑर्डर करना भी उचित नहीं है। वायरल कंटेंट पर प्रतिक्रिया देने के साथ-साथ तथ्यों की पुष्टि करना भी जरूरी है।

