Viral Video: जंतर-मंतर प्रदर्शन की वायरल फोटो पर उठे सवाल, दावा- AI से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ी एक तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया यूजर Mr Shiva ने 11 अक्टूबर को X पर पोस्ट कर दावा किया कि लोग जिस वीडियो को असली समझकर शेयर कर रहे हैं, वह वास्तव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है।
पोस्ट में यूजर ने वायरल तस्वीर को लेकर लोगों का ध्यान खींचा और कहा कि वीडियो की वास्तविकता सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों से अलग है। पोस्ट के साथ यह भी टिप्पणी की गई कि वायरल होने के लिए कुछ लोग AI से तैयार किए गए कंटेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वायरल वीडियो को लेकर क्या किया गया दावा?
जंतर मंतर प्रोटेस्ट की इस वायरल तस्वीर ने सबको चौंकाया लेकिन इसके पीछे का सच जानकर आपके होश उड़ जाएंगे😱
— Mr Shiva 🔱 (@MrShiva__) October 11, 2026
जिस वीडियो को असली समझकर धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं उसकी हकीकत कुछ और ही है
जी हां ये वीडियो AI से ही बनाई गई है सबको पता है कैसे वायरल होना है बस कपड़े छोटे करो ...Read news pic.twitter.com/6VvlyYZijG
जंतर मंतर प्रोटेस्ट की इस वायरल तस्वीर ने सबको चौंकाया लेकिन इसके पीछे का सच जानकर आपके होश उड़ जाएंगे😱
— Mr Shiva 🔱 (@MrShiva__) October 11, 2026
जिस वीडियो को असली समझकर धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं उसकी हकीकत कुछ और ही है
जी हां ये वीडियो AI से ही बनाई गई है सबको पता है कैसे वायरल होना है बस कपड़े छोटे करो ...Read news pic.twitter.com/6VvlyYZijG
पोस्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा वीडियो असली फुटेज नहीं, बल्कि AI से तैयार किया गया कंटेंट है। हालांकि, केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट को लेकर सावधानी जरूरी
AI टूल्स की मदद से तस्वीरों और वीडियो को वास्तविक जैसा बनाया जा सकता है। ऐसे में किसी वायरल वीडियो को सही मानने से पहले उसके मूल स्रोत, पोस्ट की तारीख और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों की जांच करना जरूरी है।
फिलहाल, इस पोस्ट में किए गए दावे की पुष्टि के लिए स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध होना आवश्यक है। इसलिए वीडियो को असली या AI-निर्मित मानने से पहले इसकी प्रामाणिकता की जांच करना बेहतर होगा।

