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Viral Video: रात ढलते ही सरेआम सजती है 'जिस्मफरोशी की मंडी': पुलिस थाने की नाक के नीचे पनप रहा है काला कारोबार

रात ढलते ही सरेआम सजती है 'जिस्मफरोशी की मंडी': पुलिस थाने की नाक के नीचे पनप रहा है काला कारोबार

रात के 9 बजते ही शहर की इस चुनिंदा सड़क की फिजा बदलने लगती है। उजाले में आम दिखने वाली यह सड़क अंधेरा घिरते ही जिस्मफरोशी के काले कारोबार का गढ़ बन जाती है। खुलेआम ग्राहकों के साथ मोल-भाव का दौर शुरू हो जाता है और कानून के रखवाले महज़ कुछ दूरी पर मौजूद होने के बावजूद बेखबर बने हुए हैं।

 

दलालों और चालकों का खौफनाक नेटवर्क

 

इस दलदल का सबसे चिंताजनक पहलू इसका संगठित ढांचा है। सड़क पर आने वाले ज्यादातर ग्राहकों को ऑटो और टैक्सी चालक ही यहां तक लाते हैं। यही लोग दलाल (ब्रोकर) की भूमिका निभाते हैं, लड़कियों की कीमतें तय करते हैं और पूरे सौदे को अंजाम देते हैं।

थाने से चंद कदम दूर, बेखौफ मुजरिम


 

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हैरानी की बात यह है कि जिस जगह यह पूरा धंधा खुलेआम चल रहा है, वहां से पुलिस स्टेशन महज कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद, इन असमाजिक तत्वों में न तो पुलिस का कोई खौफ है और न ही कानून का डर। सवाल उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम से अनजान है या फिर अनदेखी की जा रही है?

मासूमियत पर मंडराता खतरा

सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि बहुत तेजी से नई और कम उम्र की लड़कियां इस दलदल में धकेली जा रही हैं। यह न केवल सामाजिक ताने-बाने पर गहरा आघात है, बल्कि मानव तस्करी (Human Trafficking) की ओर भी इशारा करता है। अगर समय रहते इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

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