Viral Video: AC Attendant पर यात्रियों से पैसे लेकर सीट देने का आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति पर टिकटलेस यात्रियों से पैसे लेकर उन्हें ट्रेन के AC कोच में सीट उपलब्ध कराने का आरोप लगाया जा रहा है। वायरल पोस्ट में व्यक्ति का नाम प्रशांत कुमार बताया गया है और उसे AC Attendant के पद पर तैनात होने का दावा किया गया है।
₹2,000 से ₹2,500 लेने का दावा
वायरल पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रशांत कुमार कथित तौर पर बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से 2,000 से 2,500 रुपये तक लेते हैं और इसके बदले उन्हें AC कोच में सीट दिलाने की बात कहते हैं।
पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि वह यात्रियों से कथित तौर पर बिहार से दिल्ली तक यात्रा के लिए करीब 2,500 रुपये देने की बात कहता है और दावा करता है कि इस दौरान कोई टिकट चेकर उन्हें परेशान नहीं करेगा।
हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर रेलवे से कार्रवाई की मांग
ब्रो का नाम प्रशांत कुमार है
— Arohi Shukla (@arohishukl50402) September 21, 2026
ब्रो AC अटेंडेंट के पद पर तैनात है
ब्रो बिना टिकट के यात्रियों से 2000-2500 रूपये लेकर AC सीट देता है
ब्रो कहता है की मुझे 2500 रूपये दो बिहार से लेके दिल्ली तक कोई चू - चा नहीं करेगा
ब्रो ओवर कॉन्फिडेंस है उसको लगता है रेल मंत्री वही है… pic.twitter.com/BqCuPfYUUb
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने रेलवे प्रशासन और Railway Seva से मामले की जांच करने की मांग की है। पोस्ट में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई है।
वायरल पोस्ट में व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा गया कि कर्मचारी को AC Attendant की जिम्मेदारी से हटाकर कोई बड़ी पोस्ट दे देनी चाहिए।
क्या कहता है रेलवे का नियम?
ट्रेन में बिना वैध टिकट यात्रा करना और किसी कर्मचारी द्वारा पैसे लेकर सीट उपलब्ध कराने का दावा गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो के आधार पर किसी कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले रेलवे की आधिकारिक जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड सामने आना जरूरी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रेलवे ने इस मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई या जांच शुरू की है या नहीं। यदि रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आता है, तो उसी के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

