सोशल मीडिया पर वायरल: ट्रेन में बच्चे को खिड़की से बाहर कर पटरी पर टॉयलेट करवाने वाले पिता पर लोगों में आक्रोश
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपने छोटे बच्चे को ट्रेन की खिड़की से बाहर निकालकर पटरी के पास बने पाइप पर खड़ा कर टॉयलेट करवाते हुए दिखाई देता है। यह दृश्य देखकर कई लोग सकते में हैं और वीडियो शेयर होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी आलोचना शुरू हो गई है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन धीमी गति से चल रही है, और बच्चा खतरनाक स्थिति में है। पास बैठे यात्री ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया और इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। वीडियो के वायरल होते ही कई लोग इस शख्स पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
इतना टैलेंट किसी के पास नहीं है। ट्रेन रुकने पर खिड़की से बच्चा बाहर निकलो! पटरी के पास लगी पाइप लाइन पर बच्चे को भी खड़ा करो। फिर उसे टॉयलेट करवाओ।
— Arvind Sharma (@sarviind) November 15, 2025
इस साहस के लिए रेलवे पुलिस को स्वागत करना चाहिए। वो भी डंडों से। pic.twitter.com/UsKmcV3pHo
सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि इस तरह का व्यवहार न केवल बच्चे के लिए खतरनाक है बल्कि अन्य यात्रियों और ट्रेन संचालन के लिए भी जोखिम पैदा करता है। कई यूजर्स ने लिखा कि यह सुरक्षा नियमों और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। कुछ ने अधिकारियों से इसे गंभीरता से लेने की अपील भी की।
रेलवे सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हरकतें गंभीर कानूनी और नैतिक मुद्दे पैदा करती हैं। डॉ. [नाम], बच्चों के अधिकारों पर कार्यरत विशेषज्ञ, ने बताया, “बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ट्रेन जैसी उच्च जोखिम वाली जगह पर इस तरह का व्यवहार किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और माता-पिता को जागरूक किया जाना चाहिए।”
स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कहा कि वे वीडियो की जांच कर रहे हैं और वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसकी खिलाफत कार्रवाई करेंगे। अधिकारी ने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतों पर रेलवे सुरक्षा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल होने से न केवल लोगों में जागरूकता आती है, बल्कि यह माता-पिता और संरक्षकों के लिए चेतावनी भी बनता है कि वे बच्चों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दें।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने वीडियो के कमेंट सेक्शन में लिखा कि बच्चों की सुरक्षा केवल माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। कई लोग वीडियो शेयर करते हुए अपील कर रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और जागरूकता अभियान जरूरी हैं।
इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि सार्वजनिक परिवहन में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार माता-पिता की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और सही संदेश भी बच्चों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

