उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से 5G नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों के गुस्से का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हरदौली गांव में लंबे समय से नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब एक Jio कर्मचारी नेटवर्क टावर पर पहुंचा।बताया जा रहा है कि गांव के लोग करीब दो साल से 5G नेटवर्क का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि नेटवर्क की समस्या के कारण बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट और रोजमर्रा के ऑनलाइन कामों में भी लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
5G नेटवर्क नहीं मिला तो ग्रामीणों ने जिओ नेटवर्क के कर्मचारी को ही टावर से बांध दिया
— Sudhir Chauhan (@sudhirstar) September 11, 2026
फतेहपुर के हरदौली गांव में दो साल से 5G नेटवर्क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा ऐसा फूटा कि टावर पर पहुंचे कर्मचारी को ही बंधक बना लिया।
ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल पेमेंट ठप होने का आरोप,… pic.twitter.com/NVJ9BhecyO
5G नेटवर्क नहीं मिला तो ग्रामीणों ने जिओ नेटवर्क के कर्मचारी को ही टावर से बांध दिया
— Sudhir Chauhan (@sudhirstar) September 11, 2026
फतेहपुर के हरदौली गांव में दो साल से 5G नेटवर्क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा ऐसा फूटा कि टावर पर पहुंचे कर्मचारी को ही बंधक बना लिया।
ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल पेमेंट ठप होने का आरोप,… pic.twitter.com/NVJ9BhecyO
ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन लंबे समय तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। ऐसे में जब कर्मचारी टावर पर पहुंचा तो नाराज ग्रामीणों ने उसे कथित तौर पर रोक लिया और टावर से बांध दिया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। एक तरफ ग्रामीण लंबे समय से बेहतर नेटवर्क की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ किसी कर्मचारी को बंधक बनाना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला है।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। आज जब पढ़ाई, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी सेवाओं का बड़ा हिस्सा इंटरनेट पर निर्भर है, ऐसे में लगातार खराब नेटवर्क लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।
हालांकि, ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान बातचीत और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से होना चाहिए। कर्मचारी को बंधक बनाने जैसी कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और कंपनी की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और गांव की नेटवर्क समस्या का समाधान कब तक होता है।

