रायगढ़ में अनोखी शादी की रस्म: दूल्हा-दुल्हन ने दहकते अंगारों पर चलकर किया गृह प्रवेश
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक शादी समारोह में निभाई गई अनोखी और परंपरागत रस्म ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां गंधेल गोत्र की परंपरा के अनुसार दूल्हा-दुल्हन को दहकते अंगारों पर चलकर गृह प्रवेश करना पड़ा, जिसे स्थानीय मान्यता में पवित्रता और सहनशक्ति की परीक्षा माना जाता है।
परंपरा के अनुसार, यह रस्म नवविवाहित जोड़े की जीवन यात्रा की कठिनाइयों को सहने की क्षमता और आपसी विश्वास को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाती है। माना जाता है कि इस प्रक्रिया से दंपत्ति को जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की मानसिक और भावनात्मक शक्ति मिलती है।
शादी समारोह में मौजूद लोगों के अनुसार, यह रस्म पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ निभाई गई। परिवार और समुदाय के लोग इस दौरान उपस्थित रहे और परंपरा के पालन को लेकर उत्साह भी देखने को मिला।
हालांकि, आधुनिक समय में इस तरह की रस्मों को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आती रही है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जोखिम भरा मानते हैं।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसका उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक होता है, न कि किसी को नुकसान पहुंचाना। वहीं, युवा पीढ़ी में इस तरह की रस्मों को लेकर जागरूकता और चर्चा दोनों देखी जा रही है।
फिलहाल, यह शादी और उससे जुड़ी यह अनोखी रस्म क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी लोग इसे लेकर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

