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अंतरिक्ष में योग का अनोखा नजारा: जीरो ग्रेविटी में एस्ट्रोनॉट ने किया Yoga, वीडियो देख लोग रह गए हैरान

अंतरिक्ष में योग का अनोखा नजारा: जीरो ग्रेविटी में एस्ट्रोनॉट ने किया Yoga, वीडियो देख लोग रह गए हैरान

अंतरिक्ष की दुनिया हमेशा से इंसानों के लिए रहस्य और रोमांच का केंद्र रही है। अब एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में एक एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में जीरो ग्रेविटी (Zero Gravity) के दौरान योग करती नजर आ रही हैं। धरती से हजारों किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में योग का यह नजारा लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

वायरल वीडियो में एस्ट्रोनॉट को अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर हवा में तैरते हुए अलग-अलग योग मुद्राएं करते देखा जा सकता है। गुरुत्वाकर्षण बल नहीं होने के कारण वह जमीन पर बैठने के बजाय हवा में ही योग करती दिखाई दे रही हैं। यह दृश्य किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग रहा है।

अंतरिक्ष में शरीर को नियंत्रित रखना आसान नहीं होता। जीरो ग्रेविटी में शरीर का संतुलन बनाए रखना और सामान्य गतिविधियां करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में योग करना एस्ट्रोनॉट के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस बनाए रखने का एक तरीका माना जाता है।

अंतरिक्ष यात्रियों के लिए लंबे समय तक स्पेस स्टेशन में रहना शरीर पर कई तरह के प्रभाव डाल सकता है। कम गुरुत्वाकर्षण के कारण मांसपेशियों और हड्डियों पर असर पड़ता है। इसलिए एस्ट्रोनॉट नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, ताकि शरीर को स्वस्थ रखा जा सके।

योग को सिर्फ शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और तनाव कम करने का माध्यम भी माना जाता है। अंतरिक्ष में जहां एस्ट्रोनॉट लंबे समय तक पृथ्वी से दूर रहते हैं, वहां मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना भी बेहद जरूरी होता है।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने एस्ट्रोनॉट की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने इसे अंतरिक्ष में मानव क्षमता का शानदार उदाहरण बताया। कुछ यूजर्स ने कहा कि जीरो ग्रेविटी में योग करना किसी कला से कम नहीं है।

अंतरिक्ष में योग करने का यह पहला अनोखा उदाहरण नहीं है। इससे पहले भी कई एस्ट्रोनॉट स्पेस स्टेशन में एक्सरसाइज और योग जैसी गतिविधियां करते हुए नजर आ चुके हैं। उनका उद्देश्य शरीर को फिट रखना और अंतरिक्ष मिशनों के दौरान स्वास्थ्य बनाए रखना होता है।

यह वायरल वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि इंसान अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार खुद को किसी भी माहौल में ढाल सकता है। धरती पर किए जाने वाले योग का अंतरिक्ष में यह अलग अंदाज लोगों के लिए कौतूहल और प्रेरणा दोनों का कारण बन गया है।

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