नवरात्रि में महिला को देवी मानने वाले, कमेंट्स में क्यों भूल जाते हैं सम्मान? वायरल पोस्ट ने उठाए बड़े सवाल!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महिलाओं का सम्मान सिर्फ त्योहारों और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहना चाहिए? अगर हम सच में महिलाओं को सम्मान देने की बात करते हैं, तो वह सम्मान हमारे शब्दों, व्यवहार और सोच में भी दिखाई देना चाहिए।
औरत को देवी मनने वाले और पूजने का ढोंग करने वाले इन नामर्दो बलात्कारी सोच के लोगों के कमैंट्स देखिये जब जवाब नहीं होता तर्क नहीं होता तो यह औरत की इज्जत पर वार करते हैं।
— 𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗 (@Mariyam_MBD) October 12, 2026
एक-एक शब्द में इनके घर की परवरिश नज़र आएगी यह वही लोग हैं नवरात्री में post करते हैं नारी देवी है और रात को… pic.twitter.com/t14Bzb4z1X
औरत को देवी मनने वाले और पूजने का ढोंग करने वाले इन नामर्दो बलात्कारी सोच के लोगों के कमैंट्स देखिये जब जवाब नहीं होता तर्क नहीं होता तो यह औरत की इज्जत पर वार करते हैं।
— 𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗 (@Mariyam_MBD) October 12, 2026
एक-एक शब्द में इनके घर की परवरिश नज़र आएगी यह वही लोग हैं नवरात्री में post करते हैं नारी देवी है और रात को… pic.twitter.com/t14Bzb4z1X
किसी महिला से असहमति हो सकती है, उसकी बात गलत भी लग सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे गालियां दी जाएं या उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने की आजादी सभी को है, लेकिन इस आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है।
याद रखिए, किसी महिला की इज्जत पर टिप्पणी करके कोई व्यक्ति अपनी बात को सही साबित नहीं कर सकता। असली समझदारी दूसरों को नीचा दिखाने में नहीं, बल्कि सभ्य तरीके से अपनी बात रखने में है।

