प्रकृति अपने भीतर ऐसे कई रहस्य समेटे हुए है, जिनके बारे में जानकर इंसान हैरान रह जाता है। दुनिया में एक ऐसा अनोखा जीव भी पाया जाता है, जिसकी सबसे दिलचस्प खासियत उसका चौकोर आकार का मल है। आमतौर पर जानवरों का मल गोल, अंडाकार या अनियमित आकार का होता है, लेकिन इस जीव के मामले में प्रकृति ने कुछ अलग ही व्यवस्था की है।
वॉम्बैट करता है चौकोर पॉटी
इस अनोखे जीव का नाम वॉम्बैट (Wombat) है। यह ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक शाकाहारी स्तनधारी जीव है। इसकी सबसे खास पहचान इसका चौकोर आकार का मल है। वॉम्बैट एक दिन में कई छोटे-छोटे घनाकार मल के टुकड़े छोड़ सकता है।वैज्ञानिकों के लिए भी लंबे समय तक यह सवाल दिलचस्प रहा कि आखिर किसी जीव के शरीर में मल चौकोर आकार में कैसे बनता है।
शरीर में ही बन जाता है चौकोर आकार
वॉम्बैट के चौकोर मल का रहस्य उसके पाचन तंत्र से जुड़ा है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, वॉम्बैट की आंत के अंतिम हिस्से में अलग-अलग हिस्सों की लोच और मांसपेशियों की संरचना समान नहीं होती। जब पचा हुआ भोजन आंत से आगे बढ़ता है तो अलग-अलग दबाव के कारण उसका आकार बदलता जाता है और अंत में घनाकार टुकड़े बन जाते हैं।यानी वॉम्बैट को बाहर निकलने के बाद मल को चौकोर बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि यह आकार उसके शरीर के अंदर ही तैयार हो जाता है।
आखिर चौकोर पॉटी का क्या फायदा?
वॉम्बैट अपने मल का इस्तेमाल सिर्फ अपशिष्ट पदार्थ के रूप में नहीं करता। वह अक्सर इन्हें चट्टानों, लकड़ियों या अन्य ऊंची जगहों पर छोड़कर अपने क्षेत्र की सीमा और मौजूदगी का संकेत देता है।चौकोर आकार के कारण ये टुकड़े आसानी से लुढ़कते नहीं हैं। इस वजह से वे किसी स्थान पर टिके रह सकते हैं और क्षेत्रीय निशान के रूप में काम आ सकते हैं।
प्रकृति का अनोखा डिजाइन
वॉम्बैट की यह खासियत वैज्ञानिकों और प्रकृ प्रेमियों के लिए लंबे समय से आकर्षण का विषय रही है। दुनिया में लाखों प्रजातियां हैं और प्रत्येक ने अपने पर्यावरण के अनुसार अलग-अलग तरीके विकसित किए हैं।वॉम्बैट का चौकोर मल इसका एक अनोखा उदाहरण है। प्रकृति ने उसके शरीर की आंतरिक संरचना को इस तरह विकसित किया है कि उसका मल चौकोर आकार ले लेता है। यही वजह है कि वॉम्बैट को दुनिया के सबसे अनोखे जीवों में गिना जाता है।

