सिर्फ 12 किलोमीटर लंबा ये देश, फिर भी पर्यटन में फिसड्डी! जानिए दुनिया के इस अनोखे देश की पूरी कहानी
दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जो अपने खूबसूरत नजारों, ऐतिहासिक धरोहरों और आधुनिक सुविधाओं के कारण लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं, जो बेहद खास होने के बावजूद पर्यटन के मामले में काफी पीछे रह जाते हैं। ऐसा ही एक देश है तुवालु, जिसे दुनिया के सबसे छोटे और कम आबादी वाले देशों में गिना जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस देश की कुल लंबाई महज 12 किलोमीटर के आसपास मानी जाती है, फिर भी यहां पर्यटकों की संख्या बेहद कम है।
प्रशांत महासागर में स्थित तुवालु एक छोटा द्वीपीय देश है, जो ऑस्ट्रेलिया और हवाई के बीच मौजूद है। इसकी आबादी करीब 11 हजार के आसपास है। यह देश इतना छोटा है कि यहां घूमने के लिए ज्यादा सड़कें या बड़े शहर तक मौजूद नहीं हैं। तुवालु का मुख्य द्वीप फुनाफुटी है, जहां देश की ज्यादातर आबादी रहती है।
तुवालु की प्राकृतिक सुंदरता बेहद आकर्षक मानी जाती है। यहां साफ नीला समुद्र, सफेद रेत वाले समुद्री तट और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर खींचता है। इसके बावजूद यहां पर्यटन उद्योग ज्यादा विकसित नहीं हो पाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह देश का दूरदराज इलाके में होना और यहां पहुंचने के सीमित साधन हैं। तुवालु तक पहुंचने के लिए बहुत कम अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
इसके अलावा यहां बड़े होटल, रिसॉर्ट और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं भी बेहद कम हैं। यही कारण है कि रोमांच और लक्जरी ट्रैवल पसंद करने वाले पर्यटक अक्सर इस देश को नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि जो लोग शांति और प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए तुवालु किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता।
तुवालु एक और वजह से दुनिया भर में चर्चा में रहता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर आने वाले वर्षों में इस देश के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह छोटा द्वीपीय देश डूबने के खतरे का सामना कर रहा है। यही वजह है कि तुवालु को “डूबता हुआ देश” भी कहा जाता है।
यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मछली पकड़ने, कृषि और विदेशी सहायता पर निर्भर करती है। इंटरनेट डोमेन “.tv” से भी इस देश को अच्छी कमाई होती है, क्योंकि दुनियाभर की मीडिया और टीवी कंपनियां इस डोमेन का इस्तेमाल करती हैं।
हालांकि तुवालु में पर्यटकों की संख्या कम है, लेकिन इसकी अनोखी पहचान और प्राकृतिक खूबसूरती इसे दुनिया के सबसे दिलचस्प देशों में शामिल करती है। आने वाले समय में अगर यहां पर्यटन सुविधाओं का विकास होता है, तो यह छोटा सा देश दुनिया के बड़े पर्यटन स्थलों को चुनौती दे सकता है।

