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650 खून करने वाली दुनिया की सबसे खूंखार सीरियल किलर, कुंवारी लड़कियों के खून से नहाना था शौक

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दुनिया भर में कई ऐसे खूंखार कातिल हैं जिन्होंने मानवता को शर्मसार कर दिया है। लेकिन एलिजाबेथ बाथरी, जो हंगरी साम्राज्य की एक उच्च श्रेणी की महिला थी, उनका नाम सबसे कुख्यात सीरियल किलरों में लिया जाता है। एलिजाबेथ ने अपनी बर्बरता की एक सीमा पार करते हुए 650 से अधिक मासूम लड़कियों का खून किया। इस खौ़फनाक कातिल का एक बहुत ही विचित्र शौक था – वह कुंवारी लड़कियों के खून से नहाना चाहती थी। यह घटना इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय है, जिसमें एक महिला ने इस तरह के भयावह कृत्य किए, जो पूरी दुनिया को हिलाकर रख देने वाले थे।

हंगरी साम्राज्य की उच्च श्रेणी की महिला:

एलिजाबेथ बाथरी का जन्म 1560 में हुआ था, और वह हंगरी साम्राज्य के एक उच्च वर्गीय परिवार से संबंधित थीं। वह एक समृद्ध और शक्तिशाली परिवार से थीं और उनके पास खुद का महल था। यह बात उस समय की एक उच्च प्रोफाइल महिला की स्थिति को दर्शाती है। लेकिन इस प्रतिष्ठित जीवन के बावजूद, एलिजाबेथ के मन में एक खौ़फनाक जुनून पल रहा था, जो धीरे-धीरे उसे एक हत्यारी में बदलने वाला था।

विचित्र शौक ने बदला इंसानियत का चेहरा:

एलिजाबेथ बाथरी की हैवानियत का कारण एक विचित्र अंधविश्वास था। उसे विश्वास था कि अगर वह कुंवारी लड़कियों के खून से नहाएगी, तो वह हमेशा जवां और खूबसूरत रहेगी। यह विश्वास था कि ऐसा करने से वह बुढ़ापे से बच सकती है और हमेशा युवा और आकर्षक दिखेगी। इसी विश्वास ने उसे एक खौ़फनाक हत्यारी बना दिया।

हत्याओं की शुरुआत:

1585 से 1610 तक एलिजाबेथ ने अपने महल में 650 से अधिक कुंवारी लड़कियों का खून किया। दस्तावेजों के अनुसार, वह अपनी नौकरों और कुछ सहयोगियों के साथ इन लड़कियों का अपहरण कर उन्हें बेरहमी से मारती थी। इन लड़कियों के खून से नहाने के अलावा, वह इनका शारीरिक शोषण भी करती थी। बाथरी का यह घिनौना शौक केवल एक जंगली आस्था के कारण था, जो उसे शारीरिक सुंदरता और युवा बनाए रखने के लिए प्रेरित करता था।

गवाहियों और प्रमाणों का खुलासा:

एलिजाबेथ के महल से कई हड़प और हत्याओं के बाद कई कुंवारी लड़कियों के कंकाल मिले। इन शवों के साथ-साथ उनके सोने-चांदी के आभूषण भी पाए गए, जो आमतौर पर उन लड़कियों के थे। इससे साफ जाहिर होता था कि एलिजाबेथ ने इन लड़कियों को मारने के बाद उनके सामान को लूटा था। यह सभी प्रमाण उसकी दरिंदगी की गवाही देते थे।

अंतिम गिरफ्तारी:

1610 में, हंगरी के राजा ने एलिजाबेथ के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच शुरू की। कई गवाहों और सबूतों के आधार पर, एलिजाबेथ को गिरफ्तार किया गया। उसे एक अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी खौ़फनाक कातिलियों का खुलासा हुआ। हालांकि, उसे मौत की सजा नहीं दी गई, लेकिन उसे जीवन भर घर में नजरबंद कर दिया गया।

एक कातिल का चेहरा:

एलिजाबेथ बाथरी ने अपनी हवस और अंधविश्वास के कारण न केवल 650 से अधिक मासूम लड़कियों की जान ली, बल्कि उसने एक ऐसे समय में यह कुकृत्य किया जब महिलाओं का समाज में एक अलग ही स्थान था। वह एक उच्च श्रेणी की महिला थी, लेकिन अपनी दरिंदगी के कारण उसका नाम इतिहास में सबसे खौ़फनाक कातिलों में लिया गया।

निष्कर्ष:

एलिजाबेथ बाथरी की कहानी एक खौ़फनाक और जघन्य अपराध की गवाही है, जिसे कोई भी सामान्य इंसान सोच भी नहीं सकता। यह घटना एक चेतावनी है कि कभी-कभी शक्तिशाली और प्रतिष्ठित व्यक्ति भी अपनी हवस और विश्वासों के कारण कितने घिनौने कृत्य कर सकते हैं। उसकी खौ़फनाक हत्याओं ने यह साबित कर दिया कि जघन्यता और दरिंदगी किसी भी सीमा तक जा सकती है, और ऐसे कातिलों का सामना करने के लिए समाज को और भी सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है।

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