जयपुर के स्कूल पर विवाद से लेकर निर्माण शुरू होने तक की पूरी कहानी, सामने आया Video
जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव का वही स्कूल एक बार फिर चर्चा में है, जहां 21 अगस्त को सीजेपी के Ashutosh Ranka के दौरे के बाद विवाद और हंगामे की स्थिति बन गई थी। अब इसी स्कूल को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। स्कूल के निर्माण का काम आखिरकार शुरू हो गया है और आज जर्जर हो चुके पुराने भवन को गिरा दिया गया।
यह जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव की वहीं स्कूल है जहां 21 अगस्त को सीजेपी के @AshutoshRanka के जाने पर विवाद हुआ। अब स्कूल का काम शुरू हो चुका है। आज जर्जर भवन को गिराया गया।
— Vishwas Sharma (@VishwasSharma_) September 2, 2026
सीजेपी वहां पहुंची, हंगामा हुआ। मैं पिछले साल यहां गया था, एक ग्राउंड रिपोर्ट करके आया था। हंगामे से… pic.twitter.com/qvRIbVopDU
यह जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव की वहीं स्कूल है जहां 21 अगस्त को सीजेपी के @AshutoshRanka के जाने पर विवाद हुआ। अब स्कूल का काम शुरू हो चुका है। आज जर्जर भवन को गिराया गया।
— Vishwas Sharma (@VishwasSharma_) September 2, 2026
सीजेपी वहां पहुंची, हंगामा हुआ। मैं पिछले साल यहां गया था, एक ग्राउंड रिपोर्ट करके आया था। हंगामे से… pic.twitter.com/qvRIbVopDU
बताया गया है कि यह वही सरकारी स्कूल है, जो लंबे समय से बदहाल स्थिति में था और करीब एक साल से गाय के बाड़े में संचालित किया जा रहा था। स्कूल की हालत को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस मामले में ग्राउंड रिपोर्ट भी सामने आती रही हैं और स्थानीय स्तर पर स्कूल की स्थिति को लेकर आवाज उठाई जाती रही है।
21 अगस्त को सीजेपी के दौरे के बाद यहां हंगामा हुआ, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गया। कई मीडिया साथियों ने घटना को लेकर सवाल उठाए और मामले को रिपोर्ट किया। इसके बाद स्कूल की स्थिति और सरकारी कार्रवाई को लेकर भी लोगों का ध्यान गया।
जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से स्कूल के लिए 13 अगस्त को ही फंड मंजूर किया जा चुका था। अब निर्माण कार्य की शुरुआत के साथ जर्जर भवन को हटाने का काम भी शुरू हो गया है। पुराने भवन के ध्वस्त होने के बाद उम्मीद है कि जल्द ही स्कूल की नई इमारत तैयार होगी और बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने की सुविधा मिल सकेगी।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि जिस स्कूल के बच्चों को पिछले करीब एक साल से गाय के बाड़े में पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा था, वहां अब आखिरकार निर्माण की शुरुआत हो गई है। विवाद, सवाल और हंगामे के बीच अगर किसी चीज को सकारात्मक परिणाम मिला है, तो वह स्कूल का शुरू हुआ निर्माण कार्य है।
कहा जा सकता है कि किसी मुद्दे को उठाने का मकसद केवल हंगामा खड़ा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाना होना चाहिए। इसी संदर्भ में दुष्यंत कुमार की पंक्तियां याद आती हैं.अब उम्मीद यही है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा हो और रामपुरा कंवरपुरा गांव के बच्चों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर स्कूल की सुविधा मिल सके।

