प्रयागराज के नाम से वायरल हो रहा स्वीट हाउस में आग का VIDEO निकला फर्जी, जानें पूरा मामला
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्वीट हाउस में आग लगने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रयागराज का बताकर शेयर किया जा रहा था। अब इस मामले में पुलिस की ओर से खंडन जारी कर सच्चाई सामने रखी गई है।पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो का प्रयागराज से कोई संबंध नहीं है। जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा आग का मामला अयोध्या का है, जहां 1 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में स्थित लक्ष्मी स्वीट हाउस में आग लगने की घटना हुई थी।
खण्डन
— Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳 (@Dinehshukla) September 2, 2026
उक्त वीडियो में दिख रहे एक स्वीट हाउस में लगी आग को कतिपय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर "जनपद प्रयागराज" के नाम से भ्रामक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। प्रकरण की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त प्रकरण दिनांक 01.09.2026 का "जनपद अयोध्या" के थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत… pic.twitter.com/JesLTfpkFd
प्रयागराज के नाम से वायरल किया जा रहा था वीडियो
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में एक स्वीट हाउस में भीषण आग लगी दिखाई दे रही है। आग की लपटें काफी तेज नजर आ रही हैं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है।
वीडियो के साथ कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि यह घटना जनपद प्रयागराज की है। वीडियो के तेजी से शेयर होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंचा और इसकी जांच की गई।
जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो को प्रयागराज से जोड़कर किया जा रहा दावा गलत और भ्रामक है।
अयोध्या के लक्ष्मी स्वीट हाउस का है वीडियो
जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो अयोध्या के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र का है। यह घटना 1 सितंबर 2026 की बताई गई है और वीडियो में दिखाई दे रहा स्वीट हाउस लक्ष्मी स्वीट हाउस है।
अयोध्या पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या खबर को बिना पुष्टि किए सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
पुलिस ने किया भ्रामक दावे का खंडन
इस मामले में सोशल मीडिया पर जारी खंडन में स्पष्ट किया गया कि वायरल वीडियो का जनपद प्रयागराज से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को प्रयागराज के नाम से प्रसारित करना भ्रामक है।
पुलिस ने लोगों से अपुष्ट जानकारी के आधार पर खबरें या वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी घटना का वीडियो सामने आने पर उसकी लोकेशन और तारीख की पुष्टि किए बिना उसे आगे बढ़ाना गलत सूचना फैलाने का कारण बन सकता है।
वायरल वीडियो को लेकर बरतें सावधानी
सोशल मीडिया के दौर में किसी पुरानी या किसी दूसरे शहर की घटना का वीडियो नए दावे के साथ तेजी से वायरल हो जाता है। ऐसे मामलों में वीडियो देखकर तुरंत विश्वास करना या उसे आगे शेयर करना लोगों को गुमराह कर सकता है।
इस मामले में भी अयोध्या की घटना के वीडियो को प्रयागराज का बताकर प्रसारित किया गया। पुलिस के खंडन के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वायरल दावा सही नहीं था।
ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह दी जाती है कि किसी भी संवेदनशील घटना से जुड़ी पोस्ट को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और संबंधित पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

