सोशल मीडिया पर जानवरों की दुनिया से जुड़े कई ऐसे वीडियो सामने आते रहते हैं, जिन्हें देखकर लोग अपनी आंखों पर भरोसा नहीं कर पाते। अब एक ऐसा ही हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मेंढक उस सांप की पीठ पर बैठा नजर आ रहा है, जिससे आमतौर पर मेंढक और दूसरे छोटे जीव बचने की कोशिश करते हैं। वीडियो देखने के बाद यूजर्स भी हैरान हैं कि आखिर शिकारी और शिकार एक-दूसरे के इतने करीब कैसे आ गए।
वायरल वीडियो में एक सांप जमीन पर आगे बढ़ता दिखाई देता है। इसी दौरान उसकी पीठ पर एक मेंढक बैठा नजर आता है। सांप अपनी गति से आगे बढ़ता रहता है, जबकि मेंढक उसकी पीठ पर बिना किसी परेशानी के बैठा दिखाई देता है। कुछ सेकंड का यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
आमतौर पर सांप और मेंढक का रिश्ता शिकारी और शिकार वाला होता है। कई सांप मेंढकों को अपना भोजन बनाते हैं। यही वजह है कि मेंढक आमतौर पर सांप को देखते ही उससे दूर भागने की कोशिश करता है। ऐसे में सांप की पीठ पर मेंढक का बैठना बेहद असामान्य दृश्य नजर आता है।
वीडियो देखने वाले लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने इसे प्रकृति का अनोखा नजारा बताया तो किसी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मेंढक ने सांप को ही अपनी सवारी बना लिया। कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सांप ने मेंढक को देखा नहीं या फिर किसी खास परिस्थिति के कारण उसने उस पर हमला नहीं किया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी वीडियो में दो जानवरों को असामान्य तरीके से साथ देखकर उनके व्यवहार के बारे में तुरंत निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। जंगल और प्राकृतिक वातावरण में जानवरों का व्यवहार कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है। तापमान, डर, शिकार की उपलब्धता और उस समय की स्थिति उनके व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।
कुछ मामलों में छोटे जीव दूसरे जानवरों के शरीर का इस्तेमाल थोड़े समय के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाने या खुद को सुरक्षित रखने के लिए भी कर सकते हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो में मेंढक सांप की पीठ पर क्यों बैठा था, इसकी सटीक वजह वीडियो के आधार पर तय नहीं की जा सकती।
वीडियो की लोकेशन और रिकॉर्डिंग की तारीख की भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के रूप में ही देखना उचित है। वीडियो असली है या इसके साथ कोई पुराना या अलग संदर्भ जोड़ा गया है, इसकी पुष्टि संबंधित स्रोत से करना जरूरी है।

