बेजुबान से रूह का रिश्ता! 20 साल की बकरी ‘कटोरी’ की मौत पर किसान ने छपवाए कार्ड, 600 लोगों को कराया 13वीं का भोज
इंसान और जानवरों के बीच प्यार और अपनापन कई बार ऐसी मिसाल पेश कर देता है, जो लोगों के दिल को छू जाती है। राजस्थान से सामने आई एक ऐसी ही भावुक कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक किसान ने अपनी 20 साल पुरानी बकरी ‘कटोरी’ की मौत के बाद उसकी याद में न सिर्फ शोक संदेश के कार्ड छपवाए, बल्कि पूरे रीति-रिवाज के साथ 13वीं का आयोजन कर करीब 600 लोगों को भोजन भी कराया।
20 साल तक परिवार का हिस्सा रही ‘कटोरी’
जानकारी के मुताबिक, किसान के परिवार में ‘कटोरी’ करीब दो दशक से रह रही थी। इतने लंबे समय तक साथ रहने के कारण वह परिवार के लिए सिर्फ एक बकरी नहीं, बल्कि घर के सदस्य जैसी बन गई थी।
किसान और उसके परिवार का ‘कटोरी’ से भावनात्मक जुड़ाव इतना गहरा था कि उसकी मौत के बाद उन्होंने इंसानों की तरह उसकी अंतिम विदाई की तैयारी की। परिवार ने उसकी यादों को सम्मान देने के लिए विशेष आयोजन किया।
छपवाए गए निमंत्रण कार्ड
किसान ने ‘कटोरी’ की 13वीं के लिए बाकायदा कार्ड छपवाए। इन कार्डों के जरिए रिश्तेदारों, परिचितों और गांव के लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
इस अनोखी पहल ने आसपास के लोगों का ध्यान खींचा। कई लोगों के लिए यह पहली बार था जब उन्होंने किसी पालतू जानवर की याद में इस तरह का आयोजन देखा।
600 लोगों को कराया भोज
13वीं के कार्यक्रम में करीब 600 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए और ‘कटोरी’ को श्रद्धांजलि दी।
किसान का कहना था कि ‘कटोरी’ ने उनके परिवार के साथ लंबा समय बिताया था। उसने घर के सुख-दुख में साथ दिया, इसलिए उसकी विदाई भी सम्मान के साथ करना परिवार की जिम्मेदारी थी।
लोगों ने की भावनात्मक पहल की तारीफ
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह कहानी सामने आई, लोगों ने किसान के इस भावनात्मक जुड़ाव की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने कहा कि यह घटना बताती है कि इंसान और जानवरों के बीच रिश्ता सिर्फ जरूरत का नहीं, बल्कि भावनाओं का भी होता है।
कुछ लोगों ने लिखा कि बेजुबान जानवर भी परिवार का हिस्सा बन जाते हैं और उनके जाने का दुख किसी अपने को खोने जैसा होता है।
इंसान और पशुओं के रिश्ते की अनोखी मिसाल
आज के समय में जहां कई लोग पालतू जानवरों को सिर्फ शौक के तौर पर रखते हैं, वहीं ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि कुछ लोगों के लिए पशु उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं।
किसान द्वारा ‘कटोरी’ की याद में किया गया यह आयोजन पशु प्रेम और संवेदनशीलता की अनोखी मिसाल बन गया है। 20 साल तक साथ निभाने वाली बकरी को जिस सम्मान के साथ विदाई दी गई, उसने लोगों के दिलों को छू लिया है।

