Samachar Nama
×

सिर पर बनने लगीं दिमाग जैसी गहरी सलवटें, 23 साल के युवक की दुर्लभ बीमारी ने डॉक्टरों को भी चौंकाया

सिर पर बनने लगीं दिमाग जैसी गहरी सलवटें, 23 साल के युवक की दुर्लभ बीमारी ने डॉक्टरों को भी चौंकाया

चीन में एक 23 वर्षीय युवक की दुर्लभ बीमारी ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। युवक के सिर पर अचानक ऐसी गहरी सलवटें बनने लगीं, जो देखने में इंसानी दिमाग की सतह जैसी लग रही थीं। इस अजीब शारीरिक बदलाव ने युवक को मानसिक तनाव में डाल दिया। आखिरकार वुहान विश्वविद्यालय के सर्जनों ने करीब 11 महीने तक चले इलाज और ऑपरेशन के बाद उसकी समस्या को दूर किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवक के सिर की त्वचा में धीरे-धीरे असामान्य बदलाव आने लगे थे। शुरुआत में उसे लगा कि यह सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन समय के साथ सिर पर उभरी हुई गहरी लकीरें और सिलवटें बढ़ने लगीं। यह देखकर वह खुद भी परेशान हो गया और लोगों की प्रतिक्रियाओं के कारण उसका तनाव और बढ़ गया।

डॉक्टर भी देखकर रह गए हैरान

जब युवक इलाज के लिए डॉक्टरों के पास पहुंचा तो विशेषज्ञ भी उसके सिर की स्थिति देखकर हैरान रह गए। जांच के बाद पता चला कि यह कोई सामान्य त्वचा संबंधी समस्या नहीं थी, बल्कि एक बेहद दुर्लभ स्थिति थी।

इस बीमारी में सिर की त्वचा मोटी होकर उसमें ऐसी तहें बन जाती हैं, जो देखने में दिमाग की सतह जैसी दिखाई दे सकती हैं। मेडिकल भाषा में इस तरह की स्थिति को "कटिस वर्टिस गायराटा" (Cutis Verticis Gyrata) कहा जाता है।

11 महीने तक चला इलाज

युवक के इलाज के लिए वुहान विश्वविद्यालय के सर्जनों की टीम ने लंबी प्रक्रिया अपनाई। करीब 11 महीने तक चले उपचार और कई चरणों में किए गए ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सिर की असामान्य त्वचा को ठीक करने में सफलता हासिल की।

सर्जनों ने प्रभावित हिस्से को सुधारने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया। इलाज के बाद युवक की स्थिति में सुधार हुआ और उसके सिर का आकार पहले से काफी सामान्य हो गया।

दुर्लभ बीमारी से बढ़ा था मानसिक दबाव

युवक के लिए यह बीमारी सिर्फ शारीरिक परेशानी नहीं थी, बल्कि मानसिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण थी। सिर पर दिखने वाले बदलाव के कारण वह लोगों के सामने जाने से भी परेशान रहने लगा था।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दुर्लभ बीमारियों में समय पर इलाज और सही चिकित्सकीय सलाह बेहद जरूरी होती है। शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि चिकित्सा विज्ञान लगातार नई चुनौतियों का सामना करते हुए जटिल बीमारियों का इलाज खोज रहा है। वुहान विश्वविद्यालय की मेडिकल टीम की यह सफलता दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण मानी जा रही है।

Share this story

Tags