हवाई सफर में पावर बैंक रखना पड़ा भारी! फ्लाइट के ओवरहेड बिन में लगी आग, वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी
अगर आप भी फ्लाइट में सफर करते समय अपना पावर बैंक बैग में रखकर बेफिक्र हो जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। चीन की एक फ्लाइट से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हवाई यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उड़ान के दौरान ओवरहेड लगेज कंपार्टमेंट में रखे एक पावर बैंक में अचानक आग लग गई, जिसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान के अंदर ऊपर बने लगेज कंपार्टमेंट से धुआं निकल रहा है और कुछ ही देर में वहां आग की लपटें दिखाई देने लगती हैं। इस खतरनाक स्थिति को देखकर यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, क्रू मेंबर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की और स्थिति को संभाल लिया।
बताया जा रहा है कि आग लगने की वजह ओवरहेड बिन में रखा पावर बैंक था। पावर बैंक में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी कई बार खराब होने, गर्म होने या शॉर्ट सर्किट के कारण आग पकड़ सकती है। यही वजह है कि दुनियाभर की एयरलाइंस बैटरी से जुड़े उपकरणों को लेकर सख्त नियमों का पालन करती हैं।
एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, पावर बैंक को आमतौर पर चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। यात्रियों को इसे अपने हैंड बैगेज में रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी समस्या को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा पावर बैंक की क्षमता भी एयरलाइन के नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे खराब, फूले हुए या क्षतिग्रस्त पावर बैंक का इस्तेमाल न करें। सस्ते और बिना प्रमाणित बैटरी वाले पावर बैंक भी खतरा पैदा कर सकते हैं। यात्रा से पहले एयरलाइन के नियमों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कई यूजर्स ने कहा कि छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, खासकर हवाई यात्रा के दौरान जहां सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल, लैपटॉप और पावर बैंक जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आज की जरूरत बन चुके हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल और रख-रखाव सावधानी से करना जरूरी है। हवाई सफर में सुरक्षा नियमों का पालन करना केवल नियमों की मजबूरी नहीं, बल्कि सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।

