विरोध के बाद बदली तस्वीर, जयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल पर चला बुलडोजर; अब 18 लाख से बनेगी नई इमारत
जयपुर के रामपुरा गांव में जर्जर सरकारी स्कूल की हालत को लेकर उठाई गई आवाज अब असर दिखाती नजर आ रही है। स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि उस दौरान सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की और उन्हें वहां से भगा दिया।
इसके कुछ ही दिनों बाद 2 सितंबर को उसी जर्जर सरकारी स्कूल की इमारत को बुलडोजर से गिरा दिया गया। अब यहां करीब 18 लाख रुपये की लागत से नए स्कूल भवन के निर्माण का काम शुरू होने की बात सामने आई है।
जर्जर स्कूल को लेकर उठी थी आवाज
रामपुरा गांव के सरकारी स्कूल की इमारत लंबे समय से खराब हालत में बताई जा रही थी। भवन की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई और स्कूल के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की मांग उठाई गई।
21 अगस्त को इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। हालांकि, इस दौरान विवाद की स्थिति भी बनी और प्रदर्शन से जुड़े लोगों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की बात सामने आई।
कुछ दिनों बाद शुरू हुआ नए भवन का काम
हौसले बुलंद हों तो मंज़िलें खुद रास्ता देती हैं..
— 𝑺𝒉𝒂𝒉𝒆𝒆𝒏🌺 (@shaheena451) September 2, 2026
21 अगस्त को जयपुर के रामपुरा गांव में जर्जर हो चुके सरकारी स्कूल की बदतर हालत का मुद्दा उठाकर CJP ने विरोध प्रदर्शन किया था,
लेकिन गांव के लोगों ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका को पीटकर भगा दिया था..
2 सितंबर को उसी तबेले… pic.twitter.com/zjMwGsUFAb
2 सितंबर को पुराने और जर्जर भवन को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया। इसके बाद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि नए स्कूल भवन के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस घटनाक्रम के बाद यह मामला चर्चा में है कि लगातार आवाज उठाने और स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने के बाद आखिरकार प्रशासनिक स्तर पर काम आगे बढ़ा।
ग्रामीणों के लिए बेहतर सुविधा की उम्मीद
नए भवन के निर्माण से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है। किसी भी सरकारी स्कूल की इमारत केवल एक भवन नहीं होती, बल्कि ग्रामीण बच्चों की शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार होती है।
इस पूरे मामले ने यह संदेश भी दिया है कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना और उनकी स्थिति को सामने लाना जरूरी है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट और नए भवन के निर्माण से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर की जानी बाकी है।

