जिस मरीज के बिस्तर पर बैठता था ये बिल्ला, चंद घंटों में हो जाती थी उसकी मौत, वैज्ञानिकों ने बताई इसकी वजह
अमेरिका के एक नर्सिंग होम में रहने वाला ऑस्कर नाम का बिल्ला अपनी अनोखी आदत के कारण दुनियाभर में चर्चा में आया था। वह अक्सर उन मरीजों के बिस्तर पर जाकर बैठ जाता था, जिनकी कुछ ही घंटों में मौत हो जाती थी। हैरानी की बात यह थी कि ऑस्कर आमतौर पर दूसरे लोगों से ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था, लेकिन कुछ गंभीर रूप से बीमार मरीजों के पास जाकर लेट जाता था। इस असामान्य व्यवहार को डॉक्टरों ने भी नोटिस किया। इसकी कहानी वर्ष 2007 में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुई थी।
अमेरिका के नर्सिंग होम में रहता था ऑस्कर
ऑस्कर अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित स्टीयर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में रहता था। यह केंद्र डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों की देखभाल करता था। यहां के कर्मचारियों ने देखा कि ऑस्कर मरीजों के कमरों में घूमता था और कभी-कभी किसी खास मरीज के बिस्तर पर चढ़कर उसके पास सिमटकर बैठ जाता था।
कई मौकों पर ऐसा हुआ कि ऑस्कर जिस मरीज के पास बैठा, उसकी कुछ घंटों के भीतर मौत हो गई। इस व्यवहार को देखते हुए नर्सिंग होम के कर्मचारियों ने ऐसे मरीजों के परिजनों को पहले ही सूचना देना शुरू कर दिया, ताकि वे अपने प्रियजन के अंतिम समय में उनके पास पहुंच सकें।
क्या बिल्ले को पहले ही मौत का एहसास हो जाता था?
ऑस्कर के व्यवहार ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या जानवर इंसानों की तुलना में शरीर में होने वाले कुछ बदलावों को पहले पहचान सकते हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह साबित नहीं किया कि ऑस्कर भविष्य में होने वाली मौत को सचमुच जान लेता था। उसके व्यवहार को समझाने के लिए कुछ संभावित कारण जरूर सामने आए।
पहली संभावना: शरीर की गंध में बदलाव। गंभीर बीमारी के अंतिम चरण में शरीर की रासायनिक प्रक्रियाओं में बदलाव हो सकते हैं। इससे निकलने वाली कुछ गंधों को बिल्ला अपनी तेज सूंघने की क्षमता से पहचान सकता था। विशेषज्ञों ने इसे एक संभावित व्याख्या माना, लेकिन ऑस्कर के मामले में इसकी निर्णायक पुष्टि नहीं हुई।
: मरीज की शारीरिक स्थिति। गंभीर रूप से बीमार मरीजों की सांस लेने की गति, शरीर की हलचल और व्यवहार में बदलाव आ सकते हैं। यह भी संभव है कि ऑस्कर ऐसे संकेतों को पहचानकर मरीजों के पास बैठता हो।
डॉक्टरों ने भी माना कि वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं
ऑस्कर के मामले पर चर्चा करने वाले डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने माना कि उसके व्यवहार के पीछे वास्तविक कारण को निश्चित रूप से बताने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं थे। यह भी संभव है कि उसकी पसंद का संबंध मरीजों के कमरे के वातावरण या वहां मौजूद गर्म बिस्तर जैसी चीजों से रहा हो। इसलिए उसके व्यवहार को किसी रहस्यमयी शक्ति का प्रमाण मानना सही नहीं होगा।
मरीजों के अंतिम समय में देता था साथ
ऑस्कर की कहानी का भावनात्मक पहलू यह था कि वह जिन मरीजों के पास बैठता था, उन्हें अपने अंतिम समय में एक साथी मिल जाता था। उसके इस व्यवहार से मरीजों के परिजनों और देखभाल करने वाले कर्मचारियों को भी मानसिक सहारा मिलता था।
यह मामला दिखाता है कि जानवर कभी-कभी ऐसे व्यवहार कर सकते हैं, जिनकी वजह समझना आसान नहीं होता। लेकिन ऑस्कर के मामले में भी वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ कि बिल्ला मौत की सटीक भविष्यवाणी कर सकता था। उपलब्ध जानकारी के आधार पर शरीर की गंध और मरीजों की स्थिति में होने वाले बदलाव संभावित कारण हैं, न कि अंतिम रूप से सिद्ध निष्कर्ष।

