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मां का शव प्लेटफॉर्म पर पड़ा रहा, बच्चों ने लगाई मदद की गुहार!, वीडियो देख लोग हुए भावुक 

मां का शव प्लेटफॉर्म पर पड़ा रहा, बच्चों ने लगाई मदद की गुहार!, वीडियो देख लोग हुए भावुक 

मथुरा जंक्शन से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से इलाज करवाकर अपने बच्चों के साथ मथुरा लौट रही 62 वर्षीय सफेदी देवी की स्टेशन पर अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि सफेदी देवी मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बसई की रहने वाली थीं। वे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से इलाज करवाकर अपने बेटे और बेटी के साथ ट्रेन से वापस लौट रही थीं। जैसे ही ट्रेन मथुरा जंक्शन पहुंची और वे प्लेटफॉर्म पर उतरीं, उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।


मां की मौत के बाद बेटे और बेटी पूरी तरह टूट गए। लेकिन परिवार का आरोप है कि दुख की इस घड़ी में उन्हें स्टेशन से शव बाहर ले जाने के लिए भी काफी देर तक जरूरी मदद नहीं मिल सकी।परिजनों के मुताबिक, उन्होंने प्लेटफॉर्म पर मौजूद जीआरपी और रेलवे स्टाफ से स्ट्रेचर की मदद मांगी, लेकिन उन्हें समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि व्हीलचेयर या शव को बाहर ले जाने के लिए तत्काल कोई दूसरी व्यवस्था नहीं की गई।

मां की मौत के बाद बच्चे मदद के लिए इधर-उधर भटकते रहे और शव को स्टेशन से बाहर ले जाने की कोशिश करते रहे। परिजनों का दावा है कि काफी समय तक शव प्लेटफॉर्म पर ही पड़ा रहा।

यह मामला सामने आने के बाद रेलवे व्यवस्था और स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली आपातकालीन सहायता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर किसी यात्री की मौत के बाद उसके परिजनों को शव बाहर ले जाने के लिए जरूरी सहायता मिलने में इतनी परेशानी क्यों हुई?

हालांकि, वायरल पोस्ट में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और रेलवे या जीआरपी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।लेकिन एक मां को खो चुके बच्चों के लिए वह वक्त कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाना भी बेहद दर्दनाक है। सवाल सिर्फ स्ट्रेचर का नहीं, बल्कि ऐसी आपात स्थिति में संवेदनशीलता और तत्काल सहायता की व्यवस्था का भी है।

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