Samachar Nama
×

आंख फड़कने को माना अपशगुन, खुद को थप्पड़ मारता रहा शख्स; अंधविश्वास में गंवाई आंखों की रोशनी

आंख फड़कने को माना अपशगुन, खुद को थप्पड़ मारता रहा शख्स; अंधविश्वास में गंवाई आंखों की रोशनी

चीन के वुहान शहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां आंख फड़कने को अपशकुन मानना एक व्यक्ति पर भारी पड़ गया। ले नाम के एक शख्स ने दाईं आंख फड़कने से डरकर ऐसा कदम उठाया कि उसकी आंखों की रोशनी तक चली गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ले को लगा कि उसकी दाईं आंख का फड़कना किसी अनहोनी का संकेत है। इसी डर और अंधविश्वास के चलते उसने अपनी आंख पर लगातार थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। वह करीब तीन दिनों तक ऐसा करता रहा।

लगातार चोट लगने के कारण उसकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा। उसकी रेटिना खिसक गई, जिसके बाद उसे दिखाई देना बंद हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तुरंत इलाज शुरू किया।

डॉक्टरों ने बताया कि चोट के कारण आंख के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा था। सर्जरी के बाद उसकी आंख को बचा लिया गया और धीरे-धीरे उसकी दृष्टि वापस आने की उम्मीद जताई गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि आंख फड़कना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। यह अक्सर तनाव, थकान, नींद की कमी, ज्यादा स्क्रीन देखने या आंखों पर दबाव के कारण हो सकता है। इसका किसी अपशकुन या भविष्य में होने वाली घटना से कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है।

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि शरीर में होने वाले सामान्य बदलावों को अंधविश्वास से न जोड़ें। किसी भी समस्या को लेकर डरने या खुद को नुकसान पहुंचाने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि अंधविश्वास और गलत धारणाएं कई बार गंभीर नुकसान का कारण बन सकती हैं। जागरूकता और वैज्ञानिक सोच अपनाकर ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।

Share this story

Tags