कॉलेज कैंपस में विरोध के बाद बदली ईरानी छात्रा आहू दरियाई की जिंदगी, अब इस हाल में है वायरल वीडियो वाली लड़की
ईरान की राजधानी तेहरान में नवंबर 2024 में एक महिला छात्रा का वीडियो दुनियाभर में वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह यूनिवर्सिटी कैंपस में बेहद कम कपड़ों में दिखाई दी थी। छात्रा की पहचान बाद में आहू दरियाई के तौर पर हुई। उनका यह कदम ईरान में महिलाओं के पहनावे को लेकर लागू सख्त नियमों के विरोध के रूप में देखा गया। घटना के बाद उन्हें सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। करीब दो साल बाद अब एक रिपोर्ट में उनकी मौजूदा जिंदगी को लेकर कई दावे सामने आए हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, 2 नवंबर 2024 को आहू तेहरान स्थित इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी के कैंपस में थीं। उनके एक करीबी दोस्त ने ब्रिटेन के डेली मेल को बताया कि यूनिवर्सिटी की सीढ़ियां चढ़ते समय उनका हिजाब सिर से खिसक गया था और उन्हें इसका पता नहीं चला। इसके बाद कथित तौर पर मॉरैलिटी पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया।
दोस्त के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें डांटा और एक कमरे की ओर ले जाने की कोशिश की। इस दौरान उनके कपड़े कथित तौर पर खिंचकर फटने लगे। इसके बाद आहू ने अपने कपड़े उतार दिए और यूनिवर्सिटी परिसर में केवल अंडरगारमेंट्स में घूमती नजर आईं। कुछ देर बाद वह एक दीवार पर बैठ गईं और फिर सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर एक वैन में बैठा दिया।
हिरासत के बाद क्या हुआ
डेली मेल की रिपोर्ट में आहू के दोस्त के हवाले से हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया कि वैन में उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की गई और बाद में पुलिस स्टेशन ले जाकर दवा दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, दवा देने के बाद वह बेहोश हो गईं और जब उन्हें होश आया तो वह अस्पताल में थीं।
दोस्त के मुताबिक, आहू के हाथ-पैर अस्पताल के बिस्तर से बंधे हुए थे। उन्होंने परिवार से संपर्क करने या अपने बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें दोबारा दवा दी जाती थी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उनसे पूछताछ की गई और उन पर ईरान छोड़कर दूसरे देश में शरण लेने की कोशिश का आरोप लगाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
18 दिन बाद अस्पताल से हुई रिहाई
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 18 दिन बाद आहू को अस्पताल से रिहा किया गया। उनके दोस्त ने दावा किया कि रिहाई के बाद परिवार पर दबाव डाला गया और उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताए जाने की कोशिश हुई। उन्हें नियमित दवा और चिकित्सकीय निगरानी में रहने के लिए कहा गया।
आहू की स्थिति को लेकर मानवाधिकार संगठन भी पहले चिंता जता चुके हैं। हेंगॉ के अनुसार, उन्हें हिरासत के बाद एक मनोचिकित्सकीय अस्पताल में भेजे जाने की खबरें सामने आई थीं और संगठन ने उनकी स्थिति को लेकर पारदर्शिता की मांग की थी।
अब कैसी है आहू की जिंदगी
Aaj Tak की 16 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में डेली मेल के हवाले से बताया गया है कि अब 32 वर्षीय आहू एक दूसरी यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में हैं और उन्हें नियमित इंजेक्शन दिया जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आहू दरियाई का मामला ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता और ड्रेस कोड को लेकर चल रही बहस का अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन गया। उनके कुछ सेकंड के वीडियो ने दुनिया का ध्यान खींचा था और मानवाधिकार संगठनों ने उनकी रिहाई की मांग की थी। आज भी उनका नाम ईरान में महिलाओं के अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ी चर्चाओं में लिया जाता है।

