पिता के इंतजार में एक घंटे से सड़क पर खड़ी थी बच्ची, फिर फरिश्ता बनकर आया शख्स
दिल्ली जाते समय सड़क किनारे एक शख्स की नजर करीब 12 से 14 साल की एक मासूम बच्ची पर पड़ी। बच्ची अकेली खड़ी थी और उसके चेहरे पर साफ तौर पर परेशानी नजर आ रही थी।शख्स ने बच्ची को देखकर अपनी गाड़ी रोकी और उसके पास जाकर पूछा कि वह यहां अकेली क्यों खड़ी है। बच्ची ने बताया कि उसके पिता उसे यहां खड़ा करके यह कहकर गए थे कि वह थोड़ी देर में वापस आएंगे, लेकिन करीब एक घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है और वह अभी तक वापस नहीं आए।
अभी थोड़ी देर पहले मैं दिल्ली जा रहा तो मुझे रास्ते एक छोटी सी बच्ची उदास खड़ी हुई दिखाई देती है, जिसकी उम्र मात्र लगभग 12 से 14 साल के आसपास ही होगी...
— Amit Tomar (@AmitNationlist) September 14, 2026
उसे उदास देखकर मैंने अपनी गाड़ी रोक दी, और उसे पास बुलाते हुए पूछा कि यहां क्यों खड़ी हो...??
लड़की ने पास आते हुआ बोला कि… pic.twitter.com/hN8TpGLkO0
अभी थोड़ी देर पहले मैं दिल्ली जा रहा तो मुझे रास्ते एक छोटी सी बच्ची उदास खड़ी हुई दिखाई देती है, जिसकी उम्र मात्र लगभग 12 से 14 साल के आसपास ही होगी...
— Amit Tomar (@AmitNationlist) September 14, 2026
उसे उदास देखकर मैंने अपनी गाड़ी रोक दी, और उसे पास बुलाते हुए पूछा कि यहां क्यों खड़ी हो...??
लड़की ने पास आते हुआ बोला कि… pic.twitter.com/hN8TpGLkO0
बच्ची की बात सुनकर शख्स ने तुरंत उसके पिता का नंबर लिया और उन्हें फोन किया। फोन पर पिता ने बताया कि उनकी स्कूटर खराब हो गई है और उन्हें वापस पहुंचने में करीब 30 मिनट और लगेंगे।इसके बाद उस शख्स ने बच्ची के पिता से कहा कि आप आराम से आइए, जब तक आप नहीं पहुंचते, मैं आपकी बेटी के पास यहीं खड़ा रहूंगा।
पिता से यह बात सुनने के बाद परेशान और उदास खड़ी बच्ची के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। उसके लिए शायद उस वक्त सबसे बड़ी बात यही थी कि वह सड़क पर अकेली नहीं थी और कोई उसकी मदद के लिए वहां मौजूद था।इस छोटी सी घटना ने एक बड़ा संदेश भी दिया है। अगर हमें कभी सड़क किनारे कोई छोटी बच्ची या बच्चा अकेला और परेशान नजर आए, तो हमेशा उसे नजरअंदाज करके आगे बढ़ जाना सही नहीं है।
हालांकि, मदद करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना और जरूरत पड़ने पर पुलिस, परिवार या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को शामिल करना भी बेहद जरूरी है।कभी-कभी किसी से सिर्फ इतना पूछ लेना कि “आप ठीक हैं? यहां अकेले क्यों खड़े हैं?” किसी मुश्किल में फंसे इंसान के लिए बहुत बड़ी मदद बन सकता है।

