होने ही वाला था अंतिम संस्कार, तभी एक महिला ने किया चिता पर रखी लाश की नब्ज चलने का दावा… फिर जो हुआ
श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। परिजन अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे थे और कुछ ही देर में चिता को अग्नि देने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इसी बीच एक महिला ने चिता पर रखे शव की नब्ज चलने का दावा कर दिया। महिला की इस बात को सुनते ही वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। जिस जगह कुछ देर पहले तक मातम का माहौल था, वहां अचानक हलचल तेज हो गई।
महिला के दावे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने शव की स्थिति को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रोकने और वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने की चर्चा होने लगी। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने वहां मौजूद परिजनों और अन्य लोगों को हैरान कर दिया।
अंतिम संस्कार से पहले महिला के दावे ने बदला माहौल
ऐसी घटनाओं में मृत्यु की पुष्टि को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। किसी व्यक्ति को मृत घोषित करने के बाद यदि उसके जीवित होने की आशंका सामने आती है, तो सबसे पहले प्रशिक्षित चिकित्सक से उसकी स्थिति की जांच कराना जरूरी होता है। केवल नब्ज चलने के दावे के आधार पर किसी व्यक्ति के जीवित या मृत होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इस मामले में भी महिला के दावे के बाद आगे क्या हुआ, यह जानना महत्वपूर्ण है। क्या शव की दोबारा चिकित्सकीय जांच कराई गई? क्या डॉक्टरों ने व्यक्ति के जीवित होने की पुष्टि की? और क्या अंतिम संस्कार रोक दिया गया? इन सवालों के जवाब घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकते हैं।
मृत्यु की पुष्टि में क्यों जरूरी है सावधानी?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत की जाती है। गंभीर परिस्थितियों में नब्ज महसूस नहीं होना या सांस दिखाई नहीं देना अपने आप में आम लोगों के लिए मृत्यु की पुष्टि करने का पर्याप्त आधार नहीं है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।
यदि किसी व्यक्ति के जीवित होने की जरा भी आशंका हो, तो अंतिम संस्कार जैसी प्रक्रिया तुरंत रोककर आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। समय पर जांच और उचित कदम किसी भी संभावित गंभीर गलती को रोक सकते हैं।
फिलहाल, इस घटना की जगह, संबंधित व्यक्ति की पहचान और महिला के दावे के बाद हुई कार्रवाई की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जानकारी आवश्यक है। इसलिए घटना के वास्तविक परिणाम के बारे में बिना पुष्टि के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

