कबूतरों से परेशान इंजीनियर का हाईटेक जवाब: AI से बनाई “स्मार्ट वाटर गन”, सोशल मीडिया पर छाया इनोवेशन
फ्लैट में रहने वाले लोग अक्सर एक आम समस्या से जूझते हैं—बालकनी में कबूतरों का जमावड़ा, उनकी गंदगी और लगातार गुटरगूं की आवाज। यह समस्या जितनी आम है, उतनी ही परेशान करने वाली भी मानी जाती है। लेकिन हाल ही में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस रोजमर्रा की परेशानी का ऐसा टेक्नोलॉजी-आधारित हल निकाला है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।
यह मामला एक ऐसे इंजीनियर का है, जो अपनी बालकनी में कबूतरों के लगातार आने-जाने और गंदगी से परेशान था। पारंपरिक तरीकों जैसे जाली लगाना या डराने के उपाय अपनाने के बजाय उसने एक अलग ही रास्ता चुना—टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल।
बताया जा रहा है कि इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने लैपटॉप और कुछ हार्डवेयर कंपोनेंट्स की मदद से एक “स्मार्ट वाटर गन सिस्टम” तैयार किया, जो कबूतरों की मूवमेंट को पहचानकर ऑटोमैटिक तरीके से काम करता है। जैसे ही कोई पक्षी तय सीमा के भीतर आता है, सिस्टम उसे डिटेक्ट करता है और हल्की पानी की बौछार छोड़कर उसे बिना नुकसान पहुंचाए दूर कर देता है।
सबसे खास बात यह है कि इस सिस्टम में AI आधारित मोशन डिटेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो यह तय करती है कि कबूतर है या कोई अन्य सुरक्षित ऑब्जेक्ट। इंजीनियर का दावा है कि इसका उद्देश्य किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सिर्फ उन्हें बालकनी से दूर रखना है।
इस इनोवेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया। इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर लोग इसे “स्टार्टअप माइंडसेट इन रियल लाइफ”, “हाउसहोल्ड AI सॉल्यूशन” और “इंजीनियरिंग का क्रिएटिव यूज़” जैसे नामों से शेयर कर रहे हैं।
THIS GUY BUILT AN AUTOMATED PIGEON DEFENSE SYSTEM FOR HIS BALCONY
— Om Patel (@om_patel5) May 14, 2026
pigeons kept nesting on his balcony so he engineered a full detection and deterrent system
here's how it works:
1\ camera captures video in real time
2\ an AI model identifies the pigeon in real time
3\ a water… pic.twitter.com/GHiBoH3t7j
कई यूजर्स ने इस आइडिया की जमकर तारीफ की है। एक यूजर ने लिखा, “जब दिमाग इंजीनियर हो तो समस्या भी प्रोजेक्ट बन जाती है।” वहीं दूसरे ने कहा, “अब कबूतर भी टेक्नोलॉजी से डरेंगे।”
हालांकि कुछ लोगों ने इस तरह के सिस्टम के उपयोग को लेकर सवाल भी उठाए हैं, जैसे कि क्या यह सभी परिस्थितियों में सुरक्षित है और क्या इससे पक्षियों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है। इस पर इंजीनियर का कहना है कि उनका सिस्टम पूरी तरह नॉन-हैर्मफुल है और केवल डिटरेंट के रूप में काम करता है।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह उदाहरण दिखाता है कि कैसे रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए AI और DIY (Do It Yourself) टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ रहा है। पहले जहां ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता था, अब लोग उन्हें इनोवेशन के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल यह “स्मार्ट वाटर गन” सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और कई लोग इसे घरों के लिए एक संभावित प्रोटोटाइप आइडिया के रूप में भी देख रहे हैं।

