नशे में शख्स ने जिंदा सांप को चबाकर निगला, फिर खा गया दूसरा सांप; तीसरे पर परिजनों ने रोका, अस्पताल में भर्ती
झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नशे की हालत में एक व्यक्ति ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि 46 वर्षीय बुधन भारती ने पहले एक जिंदा सांप को चबाकर निगल लिया और इसके बाद खेत में पड़ा एक मरा हुआ सांप भी खा गया। जब वह तीसरे सांप को खाने की कोशिश कर रहा था, तब परिजनों ने उसे रोक लिया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
डंसने आए सांप को ही चबा डाला
जानकारी के अनुसार, चतरा जिले के रहने वाले बुधन भारती नशे की हालत में थे। इसी दौरान एक सांप ने उन्हें डंसने की कोशिश की। आरोप है कि इसके जवाब में बुधन ने सांप को पकड़ लिया और उसे जिंदा ही चबाकर निगल लिया।
इतना ही नहीं, बाद में खेत में उन्हें एक और मरा हुआ सांप मिला, जिसे भी उन्होंने खा लिया। उनकी यह हरकत देखकर आसपास मौजूद लोग और परिजन हैरान रह गए।
तीसरा सांप खाने से पहले रोका गया
बताया जा रहा है कि बुधन भारती तीसरे सांप को भी खाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही परिजनों ने उन्हें रोक लिया। उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो तुरंत प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सांप जहरीला था या नहीं और उसके सेवन का शरीर पर कितना असर पड़ा है।
गढ़वा में बुजुर्ग महिला को सांप ने काटा
इसी बीच झारखंड के गढ़वा जिले से भी सांप से जुड़ी एक अन्य घटना सामने आई है। यहां 60 वर्षीय फूलबसिया कुंवर के पैर से अचानक एक सांप लिपट गया। महिला ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन सांप ने उनके पैर और हाथ दोनों जगह काट लिया।
घटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में महिला की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने, मारने या छूने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत सुरक्षित दूरी बनाकर वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है।
यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो बिना देरी किए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक, घरेलू इलाज या अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार ही जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
चतरा और गढ़वा की ये दोनों घटनाएं लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती हैं। एक ओर नशे की हालत में की गई लापरवाही गंभीर खतरा बन गई, वहीं दूसरी ओर सांप के काटने जैसी आपात स्थिति में समय पर इलाज का महत्व भी सामने आया।

