यह कहानी है ब्राजील के पेड्रो हेनरिक सिल्वा डॉस सैंटोस (Pedro Henrique Silva dos Santos) की, जिन्होंने अपने शरीर के रूप और आकार को बदलने के लिए जो कदम उठाए, वे न केवल हैरान करने वाले हैं, बल्कि समाज के मानदंडों को भी चुनौती देने वाले हैं। पेड्रो ने अपने शरीर के साथ इतना बदलाव किया कि अब उन्हें सोशल मीडिया पर 'जिंदा शैतान' कहकर ट्रोल किया जाता है, लेकिन वह इस सबको नजरअंदाज करते हुए अपनी यात्रा पर आगे बढ़ते जा रहे हैं। उनका कहना है कि वह इस परिवर्तन से पूरी तरह खुश हैं और अब पीछे मुड़ने का कोई इरादा नहीं है।
पेड्रो, जो कि दो बच्चों के पिता हैं, 31 वर्ष के हैं और उन्होंने हाल ही में अपने सिर पर सिलिकॉन ट्रांसप्लांट से सींग उगवाए हैं। उनका कहना है कि उनका यह रूप बदलने का जुनून अब एक जीवनशैली बन चुका है, और वह इस प्रक्रिया में न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को पूरी तरह से समर्पित कर चुके हैं। हालांकि, पेड्रो खुद मानते हैं कि इस प्रकार का शरीर परिवर्तन बेहद दर्दनाक होता है, लेकिन उनका विश्वास है कि यह उनके जुनून का हिस्सा है, और वह इस दर्द को सहने के लिए तैयार हैं।
पेड्रो की बॉडी मॉडिफिकेशन यात्रा आठ साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में यह एक साधारण टैटू से शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ उनका रूप बदलने का उत्साह इस हद तक बढ़ गया कि वह अब सिर से पांव तक टैटू से ढंके हुए हैं। उनका सबसे दर्दनाक बॉडी मॉडिफिकेशन उनके होंठ और जीभ का दो हिस्सों में कटवाना था। यह प्रक्रिया पेड्रो के लिए सबसे अधिक कष्टदायक रही। पेड्रो ने बताया कि, "होंठ कटवाना सबसे दर्दनाक था। प्रक्रिया के दौरान दर्द बहुत कम था, लेकिन जैसे ही एनेस्थीसिया का असर खत्म हुआ, दर्द असहनीय हो गया।"
हालांकि, पेड्रो का मानना है कि बॉडी मॉडिफिकेशन उनका जुनून है, और इसलिए वह इस दर्द को सहन करते हैं। उनका कहना है, "मैंने जो किया, वह मेरा निर्णय था। यह मेरा शरीर है, और मुझे इसकी परवाह नहीं है कि लोग क्या सोचते हैं। मैं खुश हूं और मैं वही कर रहा हूं जो मुझे पसंद है।"
पेड्रो के परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया है, खासकर उनकी पत्नी वैनेसा मेंडेस डॉस सैंटोस और उनके बच्चे माइकेली और पिएत्रो ने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया है। पेड्रो का कहना है कि उनके परिवार का समर्थन उन्हें मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। "मेरी पत्नी और बच्चों ने मुझे कभी यह नहीं कहा कि मैं गलत कर रहा हूं। वे हमेशा मेरे साथ हैं और मुझे पसंद करते हैं जैसा मैं हूं," पेड्रो ने कहा।
पेड्रो के लिए यह यात्रा केवल शारीरिक परिवर्तन की नहीं है, बल्कि यह उनकी मानसिकता और आत्म-स्वीकृति की भी है। वह समाज के आलोचकों को नजरअंदाज करते हुए अपने सपनों को साकार करने में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें बहुत से ट्रोल्स और नकारात्मक टिप्पणियां मिलती हैं, लेकिन पेड्रो का मानना है कि यह उनका जीवन है और वह उसी तरह जी रहे हैं जैसे उन्हें अच्छा लगता है।
पेड्रो का यह भी कहना है कि वह अपने बॉडी मॉडिफिकेशन के साथ भविष्य में और भी बदलाव लाने का विचार रखते हैं। उनका उद्देश्य केवल अपनी छवि को बदलना नहीं है, बल्कि यह दिखाना भी है कि अगर कोई किसी चीज़ के लिए पूरी तरह से समर्पित है, तो वह अपने सपनों को साकार कर सकता है। "यह यात्रा सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की है जो खुद को बदलने और अपनी पहचान को स्वीकारने के लिए तैयार हैं," पेड्रो ने कहा।
पेड्रो की यह कहानी न केवल उनके शरीर के बदलाव की है, बल्कि यह आत्म-स्वीकृति, परिवार के समर्थन और व्यक्तिगत विश्वास की भी है। वह एक संदेश देना चाहते हैं कि जब तक आप खुद से खुश हैं, तब तक किसी की राय या समाज की नज़र आपको रोक नहीं सकती। पेड्रो ने साबित किया है कि बॉडी मॉडिफिकेशन केवल एक शारीरिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन भी हो सकता है, जिसमें आत्म-स्वीकृति और जुनून का मिलाजुला होता है।

