कहा जाता है कि शिक्षक किसी भी बच्चे के जीवन में माता-पिता के बाद सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों को अनुशासन, संस्कार और सही-गलत के बीच फर्क समझाने का काम भी करते हैं। इसी वजह से समाज में गुरु को भगवान के समान सम्मान दिया जाता है।लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो को देखकर शिक्षक की जिम्मेदारी और स्कूल में उनके आचरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में एक शिक्षिका स्कूल परिसर में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई टेबल और बेंच के ऊपर चढ़कर Reel बनाती हुई नजर आ रही हैं।
कहा जाता है की शिक्षिका को भगवान जी का दर्जा दिया गया है क्यों की Students की Future यही गढ़ते है।
— Ashis Praharaj (@AshisPraha2ubh) September 7, 2026
मगर ईस शिक्षिका ने School छूटी होते है बच्चे बैठने की जगह के उप्पर Reel बनाना सुरु कर देती है
उसके बाद स्वयं भगवान जी उन्हें अपने कार्य केलिए फल दे देते है तुरंत ही।
कुछ दिन… pic.twitter.com/jyQjRUjYkl
कहा जाता है की शिक्षिका को भगवान जी का दर्जा दिया गया है क्यों की Students की Future यही गढ़ते है।
— Ashis Praharaj (@AshisPraha2ubh) September 7, 2026
मगर ईस शिक्षिका ने School छूटी होते है बच्चे बैठने की जगह के उप्पर Reel बनाना सुरु कर देती है
उसके बाद स्वयं भगवान जी उन्हें अपने कार्य केलिए फल दे देते है तुरंत ही।
कुछ दिन… pic.twitter.com/jyQjRUjYkl
जिस टेबल पर बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं, जिस बेंच पर उनकी किताबें-कॉपियां रखी जाती हैं और जिसे स्कूल में पढ़ाई का हिस्सा माना जाता है, उसी पर चढ़कर इस तरह Reel बनाना लोगों को हैरान कर रहा है। सवाल यह नहीं है कि कोई शिक्षक Reel क्यों बना रहा है, बल्कि सवाल यह है कि Reel बनाने के लिए जगह और तरीका क्या होना चाहिए?
स्कूल बच्चों के लिए सीखने और अनुशासन की जगह होती है। वहां शिक्षक जो कुछ करते हैं, बच्चे उसे सिर्फ देखते ही नहीं, बल्कि कई बार उसका अनुसरण भी करते हैं। ऐसे में अगर शिक्षक खुद स्कूल के फर्नीचर पर चढ़कर इस तरह वीडियो बनाते दिखाई दें, तो बच्चों के बीच इससे क्या संदेश जाएगा?
कुछ समय पहले ही Students' Day या Teachers' Day के मौके पर छात्रों ने अपने शिक्षकों को गुरु का दर्जा देते हुए उनका सम्मान किया था। बच्चों के लिए शिक्षक आदर्श होते हैं। इसलिए उनसे उम्मीद की जाती है कि वे अपने व्यवहार से भी बच्चों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश करें।
सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना या Reel बनाना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है। आज शिक्षक समेत हर वर्ग के लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन स्कूल परिसर में बच्चों की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाले टेबल-बेंच पर चढ़कर Reel बनाना क्या सही है? यह सवाल अब सोशल मीडिया यूजर्स पूछ रहे हैं।
लोगों का यह भी कहना है कि स्कूल में रखी चीजें सिर्फ वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं नहीं हैं। उनके साथ एक जिम्मेदारी और मर्यादा भी जुड़ी होती है। अगर वही शिक्षक बच्चों को किताबों और पढ़ाई का सम्मान करने की सीख देते हैं, तो फिर खुद उसी जगह पर इस तरह की गतिविधि करना कितना उचित है?
गुरु का सम्मान सिर्फ इसलिए नहीं होता कि वह बच्चों को पढ़ाता है, बल्कि इसलिए भी होता है क्योंकि वह बच्चों के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करता है। शिक्षक की छोटी-सी हरकत भी बच्चों के व्यवहार और सोच पर असर डाल सकती है।
अब इस वीडियो को देखकर लोगों के मन में कई सवाल हैं—
क्या स्कूल परिसर में इस तरह Reel बनाना उचित है?
क्या बच्चों की पढ़ाई वाली टेबल और बेंच पर चढ़कर वीडियो बनाना शिक्षक की गरिमा के अनुरूप है?
और क्या एक शिक्षक को अपने हर व्यवहार के जरिए बच्चों के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश नहीं करना चाहिए?
हालांकि, वीडियो के पूरे संदर्भ और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। लेकिन अगर वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम वैसा ही है जैसा नजर आ रहा है, तो यह निश्चित तौर पर सोचने का विषय है।गुरु का सम्मान बहुत बड़ा होता है, लेकिन उस सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है। आखिर शिक्षक बच्चों को सिर्फ किताबों से नहीं, अपने व्यवहार से भी सिखाते हैं।

