बूंदी के नैनवा उप जिला अस्पताल में अंधविश्वास का मामला, लेबर रूम में घुसा परिवार; नवजातों के तराजू पर की पूजा
राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा उप जिला अस्पताल से अंधविश्वास से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 24 जून 2025 को अस्पताल में एक परिवार मृत बच्चे की आत्मा से जुड़ी मान्यताओं के चलते लेबर रूम में घुस गया, जहां सामान्यतः प्रसव की प्रक्रिया चल रही होती है।
बताया जा रहा है कि परिवार के लोग अस्पताल के उस हिस्से में भी पहुंच गए, जहां महिलाओं की डिलीवरी होती है। इस दौरान उन्होंने नवजात शिशुओं का वजन तौलने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर पूजा-अर्चना भी की, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे गहरे अंधविश्वास का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला मृत बच्चे से जुड़ी किसी पारंपरिक मान्यता या धार्मिक विश्वास से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें परिवार ने आत्मा की शांति और अनुष्ठान के लिए अस्पताल परिसर में यह कदम उठाया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लेबर रूम जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की घटना गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन है। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर अंधविश्वास आधारित गतिविधियां न केवल व्यवस्था को बाधित करती हैं, बल्कि मरीजों और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है और प्रशासन द्वारा घटना की जांच और आवश्यक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

