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गुरुग्राम में ‘मॉडर्न पॉवर्टी’ का अजीब मामला, 40 लाख कमाने वाला व्यक्ति खुद को मान बैठा गरीब

गुरुग्राम में ‘मॉडर्न पॉवर्टी’ का अजीब मामला, 40 लाख कमाने वाला व्यक्ति खुद को मान बैठा गरीब

हरियाणा के गुरुग्राम से एक अजीबोगरीब और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सालाना करीब 40 लाख रुपये कमाने और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कार चलाने वाला एक शख्स खुद को गरीब मानने लगा और धीरे-धीरे अनिद्रा (इंसोम्निया) का शिकार हो गया।

इस मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर डॉ. सनी गर्ग द्वारा किया गया, जिन्होंने इसे “मॉडर्न पॉवर्टी” यानी आधुनिक दौर की मानसिक गरीबी बताया है। उनके अनुसार, यह स्थिति किसी आर्थिक कमी से नहीं, बल्कि मानसिक असंतोष और लगातार तुलना करने की आदत से पैदा होती है।

जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति सोशल मीडिया पर लगातार दूसरों की लाइफस्टाइल, उपलब्धियों और लग्जरी जीवन से खुद की तुलना करने लगा था। इसी कारण उसके अंदर यह भावना विकसित हो गई कि उसकी सफलता और कमाई पर्याप्त नहीं है, जबकि वास्तविकता में वह एक बेहद अच्छी आर्थिक स्थिति में था।

डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी मानसिक स्थिति में व्यक्ति धीरे-धीरे तनाव, चिंता और नींद की कमी का शिकार हो जाता है। यही वजह है कि संबंधित व्यक्ति को अनिद्रा की समस्या हो गई और उसका मानसिक संतुलन प्रभावित होने लगा।

डॉ. सनी गर्ग ने इस घटना को आज के डिजिटल युग की एक बड़ी समस्या बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली ‘परफेक्ट लाइफ’ अक्सर वास्तविकता से काफी अलग होती है, लेकिन लोग उसे सच मानकर खुद को कमतर आंकने लगते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक तरह की “साइकोलॉजिकल सोशल कॉम्पैरिजन डिसऑर्डर” की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अपनी खुशियों को नजरअंदाज कर दूसरों की उपलब्धियों से अपनी तुलना करने लगता है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया वास्तव में लोगों को जोड़ रहा है या फिर मानसिक तनाव और असंतोष बढ़ा रहा है।

फिलहाल इस मामले को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जो यह बताता है कि आर्थिक समृद्धि के बावजूद मानसिक संतुलन और संतोष कितना जरूरी है।

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