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19 हजार किराए से शुरू हुआ खर्च पहुंचा 93 हजार पार, गुरुग्राम के टेक प्रोफेशनल का बजट देखकर हैरान हुए लोग

19 हजार किराए से शुरू हुआ खर्च पहुंचा 93 हजार पार, गुरुग्राम के टेक प्रोफेशनल का बजट देखकर हैरान हुए लोग

गुरुग्राम जैसे महंगे और तेजी से विकसित हो रहे शहर में नौकरी करने वाले युवाओं के लिए अच्छी सैलरी के बावजूद महीने का बजट संभालना आसान नहीं होता। शुरुआत में किराया, खाना और आने-जाने का खर्च सामान्य लगता है, लेकिन महीने के अंत तक छोटे-बड़े खर्च मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं। ऐसा ही अनुभव 28 साल के टेक प्रोफेशनल अर्जुन सिंह का रहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपने पूरे महीने का खर्च बताया, जिसे देखने के बाद कई लोग हैरान रह गए।

अर्जुन के मुताबिक, वह गुरुग्राम में फ्लैट शेयर करते हैं और इसके लिए हर महीने करीब 19 हजार रुपये किराया देते हैं। पहली नजर में यह रकम बहुत ज्यादा नहीं लगती, खासकर जब इसे बड़े शहर में रहने की सामान्य लागत से जोड़कर देखा जाए। लेकिन किराए के अलावा खाना, गाड़ी, पेट्रोल, शॉपिंग, बाहर घूमना और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च धीरे-धीरे बजट को काफी बढ़ा देता है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अर्जुन ने अपने मासिक खर्च का पूरा हिसाब बताया। उनके अनुसार, महीने भर में कुल खर्च 93,290 रुपये तक पहुंच गया। खास बात यह है कि इस रकम में उनका निवेश शामिल नहीं है। यानी अगर वह हर महीने किसी तरह का निवेश या बचत अलग से करते हैं, तो उनकी वास्तविक मासिक आय की जरूरत इससे भी अधिक हो सकती है।

अर्जुन के खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा केवल किराए का नहीं है। घर का किराया देने के बाद खाने-पीने, वाहन से जुड़े खर्च, पेट्रोल, ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग तथा अन्य जरूरी और गैरजरूरी खर्च भी जुड़ते जाते हैं। कई बार लोग इन छोटे खर्चों को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन महीने के अंत में यही रकम बजट पर सबसे ज्यादा असर डालती है।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने शहरों में बढ़ती जीवनशैली की लागत पर चर्चा शुरू कर दी। कुछ लोगों ने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहर में अच्छी सैलरी होने के बावजूद बचत करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या हर महीने शॉपिंग, बाहर खाना और निजी वाहन पर होने वाले खर्च को कम करके बजट को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

अर्जुन का अनुभव उन युवाओं के लिए एक तरह की आर्थिक सीख भी है, जो नौकरी के लिए बड़े शहरों का रुख करते हैं। केवल सैलरी देखकर नौकरी या शहर चुनना पर्याप्त नहीं है। किराया, ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, मनोरंजन, इमरजेंसी फंड और निवेश को ध्यान में रखकर ही वास्तविक बजट तैयार करना चाहिए।

गुरुग्राम में 19 हजार रुपये किराया देने के बावजूद अर्जुन का कुल खर्च 93,290 रुपये पहुंचना बताता है कि बड़े शहरों में जीवनयापन की लागत कितनी तेजी से बढ़ सकती है। सोशल मीडिया वीडियो में बताए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह मामला युवाओं को अपने खर्चों का हिसाब रखने और बचत को प्राथमिकता देने की सलाह जरूर देता है।

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