'कुछ और नौकरियां चली गईं...' मेहंदी लगाने वाली मशीन का Video शेयर कर बोले बिजनेसमैन हर्ष गोयनका
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने तकनीक और रोजगार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मेहंदी लगाने वाली एक मशीन का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मशीन कुछ ही समय में हाथ पर मेहंदी का डिजाइन तैयार करती नजर आ रही है।
वीडियो शेयर करते हुए हर्ष गोयनका ने लिखा, "कुछ और नौकरियां चली गईं..." उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और रोजगार पर इसके असर को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति मशीन के सामने अपना हाथ रखता है। इसके बाद मशीन अपने आप हाथ की स्थिति को स्कैन करती है और उस पर मेहंदी का डिजाइन बनाना शुरू कर देती है। मशीन बेहद कम समय में हाथ पर डिजाइन तैयार करती दिखाई देती है। पारंपरिक तरीके से मेहंदी लगाने में जहां काफी समय लग सकता है, वहीं मशीन के जरिए यह काम तेजी से होता नजर आ रहा है।
वीडियो देखकर कई लोग हैरान
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग इसे देखकर हैरानी जता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के दौर में मशीनें लगातार ऐसे काम करने में सक्षम होती जा रही हैं, जिन्हें पहले इंसान ही किया करते थे। वहीं कुछ लोगों ने तकनीक को समय और मेहनत बचाने वाला बताया।
हर्ष गोयनका सोशल मीडिया पर अक्सर कारोबार, तकनीक और बदलती दुनिया से जुड़े वीडियो और पोस्ट शेयर करते रहते हैं। उनके इस पोस्ट ने भी इंसानी काम और मशीनों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
रोजगार पर तकनीक के असर की चर्चा
ऑटोमेशन और रोबोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। कई क्षेत्रों में मशीनों की मदद से काम तेजी से और कम लागत में किया जा रहा है। वहीं, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि तकनीक कुछ पारंपरिक भूमिकाओं को बदलने के साथ नए तरह के काम और रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकती है।
फिलहाल मेहंदी लगाने वाली मशीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। लोगों का ध्यान खास तौर पर मशीन की तेजी और उसके डिजाइन तैयार करने के तरीके ने खींचा है। हर्ष गोयनका की टिप्पणी के बाद यह वीडियो तकनीक बनाम रोजगार की बहस का एक और उदाहरण बन गया है।

